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October 15, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 अक्टूबर 2023। अभी अभी आस पास की बड़ी खबर निकल कर आमने आ रही है। यहां जिले के पाकिस्तान बॉर्डर इलाके खाजूवाला के गांव आनंदगढ़ निवासी युवक नरेन्द्र कुमार को पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी (PIA) की 2 महिला हैंडलर्स ने हनी ट्रैप में फंसा लिया। दोनों ने उसे सीमावर्ती इलाकों की जासूसी कराना शुरू किया। 2 साल पहले फेसबुक के जरिए हुई बातचीत में PIA एजेंट युवतियां उससे सेना की जानकारी भेजने को कहती। एक युवती खुद को स्थानीय पत्रकार बताती थी तो दूसरी BSF की कर्मचारी बनकर उससे बात करती थी। युवक इनके जाल में ऐसा फंसा था कि उसने यहां बॉर्डर एरिया में पाकिस्तान सूचना भेजने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बना लिया। राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस टीम में इसे तीन दिन पहले गुरुवार को बीकानेर में पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद जानकारी जुटाकर इसे जयपुर ले जाया गया और जॉइंट इंटेरोगेशन कमेटी की पूछताछ पर शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

पाकिस्तानी युवतियों से बातचीत करके नरेंद्र बॉर्डर की सूचनाएं दे रहा था।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलिजेंस) एस सेंगथिर ने बताया कि भारतीय सीमा से पाकिस्तान को खुफिया रिपोर्ट्स देने के मामले में पुलिस ने नरेंद्र को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। उसे बीकानेर के खाजूवाला से गिरफ्तार करने के बाद सख्त पूछताछ की जा रही है। अब तक हुई पूछताछ में ये सामने आया है कि वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (पीआईए) की दो महिला हैंडलर्स को सूचना दे रहा था। पुलिस ने बताया कि नरेंद्र भारत पाकिस्तान सीमा पर खाजूवाला के आनन्दगढ़ का रहने वाला नरेंद्र कुमार है। वो सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की दो महिला हैंडलर्स के संपर्क में था। हनी ट्रैप के जाल फंस कर वह इन महिलाओं के संपर्क में था। पुलिस को इनपुट मिला था तो इंटेलिजेंस टीम ने उसके नंबर को ट्रैक किया। लगातार उसकी निगरानी रखी गई। अंत में जानकारी पुख्ता कर इसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह सोशल मीडिया पर फेसबुक अकाउंट और व्हाट्सएप के जरिए इन दोनों से संपर्क में था

सुनीता बनी फर्जी जर्नलिस्ट, पूनम BSF की फर्जी कर्मचारी

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। संयुक्त पूछताछ में नरेंद्र ने पुलिस को बताया की वो दो साल पहले फेसबुक पर पूनम बाजवा नाम की युवती के संपर्क में आया था। उसने खुद को भटिंडा निवासी बताया था। उसके पास मोबाइल नंबर भी भारत के थे। पूनम ने बताया कि वो बीएसएफ में डाटा एंट्री ऑपरेटर है। उसने नरेंद्र को शादी का झांसा देते हुए कई बार बातचीत की। वो नरेंद्र से संवेदनशील सूचनाएं एकत्र करती थी। कई बार सड़क, पुल, बीएसएफ पोस्ट, टॉवर, आर्मी की गाड़ियों के फोटो और वीडियो की डिमांड करती थी। नरेंद्र ये सब काम करके भेज देता था। इतना ही नहीं दूसरी युवती सुनीता ने खुद को पत्रकार बताते हुए सूचनाएं लेनी शुरू की। सुनीता प्रेस रिपोर्टर बन कर नरेंद्र से बात करती और सूचनाएं इकट्ठी कर रही थी।

व्हाट्सएप ग्रुप तक बना दिया

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सूचनाएं भेजने के साथ ही एक ग्रुप भी नरेंद्र ने बनाया। इसमें बॉर्डर एरिया के कई लोगों को शामिल किया गया था। इस ग्रुप के सदस्यों से भी अब पूछताछ हो सकती है। ग्रुप पर भी पुलिस की नजर थी और इसे लगातार ट्रैक किया जा रहा था।

इंटेलीजेंस पुलिस ने ट्रेक किया मोबाइल

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पुलिस को जब इस सारे घटनाक्रम का पता चला तो नरेंद्र का मोबाइल ट्रेक किया गया। उसकी हर गतिविधि पर भी नजर रखी गई। कॉल रिकार्ड्स से स्पष्ट हो गया कि वो लगातार दोनों पाकिस्तानी महिलाओं के संपर्क में था। इस पर उसके खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मामला दर्ज करके गिरफ्तार किया गया है।

सोशल मीडिया से मिलते हैं नंबरश्री

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलिजेंस) एस. सेंगाथिर ने बताया कि पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी के लिए काम करने वाली महिलाएं सोशल मीडिया से मोबाइल नंबर लेकर संपर्क करती हैं। हनी ट्रैप में भारतीय युवकों को फंसाकर उनसे जासूसी करवाती है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण सूचनाएं एकत्र कर ली जाती है।