Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
05d349f1-27c6-4087-ba0c-fe6a18a1be48
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 फरवरी 2021। लंबे समय से राजनीतिक पिछड़ेपन का शिकार श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र भी आज जारी होने वाले राज्य के बजट में अपने विकास के सपने ले रहा है। अब ये सपने पूरे होगें या हर बार की तरह अधूरे ही रहेगें यह तो यहां के नेताओं का जयपुर में महत्व ही साबित कर पाएगा। विदित रहे कि श्रीडूंगरगढ़ में आज तक ऐसे समीकरण ही बने है कि या तो सत्ता के विरोधी पार्टी का एमएलए रहा है या फिर सत्तासीन पार्टी का एमएलए रहा है तो भी सत्ता में आने वाली पार्टी को इतना प्रचंड बहुमत मिला हुआ होता है कि हमारे एमएलए का कद जयपुर में पहुंचते पहुंचते शुन्य ही देखने को मिलता है। लेकिन इस बार के समीकरण थोड़े अलग है। इस बजट से यहां सत्तासीन सरकार पर खतरे के बादल मंडराने के दौरान संकटमोचक बनने वाले श्रीडूंगरगढ़ के विधायक गिरधारी लाल महिया का जयपुर के गलियारों में महत्व हो या चाहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा का नए समीकरणों में सीएम की नजरों में कद हो दोनों ही स्थितियों में श्रीडूंगरगढ़ के अधूरे सपने शायद पूरे हो सकें। श्रीडूंगरगढ़ में वैसे भी बजट में लंबे समय से कभी कुछ खास नहीं दिया गया है ऐसे में इस बार दो दो नेताओं की सरकार में दखल के कारण यहां पर ट्रोमा सेंटर, सरकारी महाविद्यालय का भवन, रीको इंडस्ट्रियल एरिया, कृषि क्षेत्र हेतु विद्युत क्षमता का विकास, ड्रेनेज व सीवरेज सिस्टम, बस स्टैण्ड या शहर में आबाद हो चुकी गोचर भूमि को आबादी भूमि में परिवर्तन आदि की महत्वपूर्ण जरूरतों में से कुछ तो पूरी होने की आस यहां के निवासी भी लगा रहे है। बजट भाषण के लिए मुख्यमंत्री विधानसभा में पहुंच चुके है एवं राज्य में पहली बार पेपरलैस बजट पेश किया जा रहा है।