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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 अक्टूबर 2021। गांव लखासर में आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिविर में महिलाओं की गिनी चुनी संख्या पर एतराज जताते हुए कहा कि महिलाओं को आगे लाया जाए जिससे समाज का सर्वांगीण विकास हो सकें। परन्तु वहीं शिविर स्थल के पंडाल में तीन दृश्य ऐसे नजर आएं जिनमें महिला शक्ति सीएम तक अपनी बात पहुंचा पाने में कामयाब नहीं हो पाई। पढ़ें ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग।

ग्रामीणों में महिला सरपंच चंदा देवी को मंच पर स्थान देने की चर्चा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सबसे पहले यहां ग्रामीणों में चर्चा रही कि ग्राम पंचायत लखासर की महिला सरपंच चंदा देवी को मंच पर स्थान नहीं दिया गया। मंच पर प्रधान सावित्री देवी ने महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व किया वहीं ग्रामीणों ने कहा कि दो कुर्सियां खाली भी थी और जब आयोजन हमारी ग्राम पंचायत में था तो हमारे जनप्रतिनिधि को स्थान दिया जाना चाहिए था। ग्रामीणों ने अपने नेताओं को ये ओलमा भी दिया। चंदा देवी स्वयं सुबह से ही शिविर स्थल पर थी व ग्राम पंचायत की व्यवस्थाओं को देख रही थी। ग्रामीण इससे खासे निराश भी हुए।

70 किलोमीटर का सफर तय कर आई और सीएम से नहीं कह पाई अपनी बात।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शिविर में मुख्यमंत्री के आने की सूचना मिलने पर गांव केऊ पुरानी से 70 किलोमीटर की दूरी तय कर बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल की बालिकाएं लखासर पहुंची। ये छात्राएं गांव के स्कूल को 8वीं कक्षा से 10वीं कक्षा तक क्रमोन्नत करने की गुजारिश लेकर आई थी परन्तु ये बालिकाएं सीएम तक अपनी बात नहीं पहुंचा सकी और इससे खासी निराश भी हुई। सीएम के लौटने के बाद इन बालिकाओं को उपस्थित ग्रामीणों ने समझाईश कर वापस भेज दिया।

गांव डेलवां से बड़ी संख्या में बालिकाओं ने मांगा शिक्षा का अधिकार।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वहीं ग्राम पंचायत डेलवां से सरकारी स्कूल की 50 से अधिक बालिकाएं 40 किलामीटर दूर से सीएम के सामने अपनी बात रखने आई परन्तु सीएम के मंच से उतरते ही पांडाल से निकल जाने के कारण वे अपनी बात उनतक नहीं पहुंचा पाई। नम आंखो व रूंधे गले से बालिकाओं ने जिले की मीडिया को बताया कि गांव डेलवां में 12वीं तक स्कूल नहीं होने के कारण लड़कियां पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर है। क्योंकि परिजन उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से अन्य गांव जाने की अनुमति नहीं देते और जो पढ़ रही है उनका गांव गुसाईंसर बड़ा तक पैदल आकर पढ़ना भी दुश्वार है।आवागमन के साधन सुचारू नहीं होने व रास्ता बंद रहने के कारण बालिकाओं का स्कूल का सफर कठिनतम है इसलिए सरकार सुनवाई करें व शीघ्र गांव में 12वीं तक स्कूल को क्रमोन्नत करें। बता देवें इन बालिकाओं ने तीन दिन पूर्व 26 अक्टूबर को भी स्कूल के तालाबंदी कर अपनी मांग अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास भी किया था।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव डेलवां से पहुंची बालिकाएं स्कूल को 12वीं तक क्रमोन्नत करवाने की मांग लेकर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मंच पर प्रधान सावित्री देवी उपस्थित रही व कुर्सियां भी खाली रही, ऐसे में ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि को स्थान देने पर खूब चर्चाएं की।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव केऊ पुरानी से बालिकाएं सीएम से 10वीं तक स्कूल क्रमोन्नत करने की मांग करने पहुंची।