Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
0000100
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 दिसंबर 2024। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा तीन दिवसीय गैर आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण वीर तेजा मंदिर प्रांगण में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में ब्लॉक के विभिन्न स्कूलों से कक्षा 6 से 10 तक विज्ञान व गणित का अध्यापन करवाने वाले शिक्षक शामिल हुए है। प्रशिक्षण के तीसरे दिन शुक्रवार को एडवोकेट अनिल धायल ने शिक्षकों को विस्तृत रूप से कानूनी जानकारी दी। धायल ने नए कानूनों के बारे में बताते हुए कहा कि नए कानून भारतीय न्याय के मूल्यों पर आधारित है। नए कानून त्वरित न्याय की अवधारणा पर बल देते है व इसका मुख्य लक्ष्य एक ऐसी आपराधिक न्याय प्रणाली बनाना है जिसमें न केवल नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हो, बल्कि सभी के लिए सुलभ और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करते हुए कानून के शासन को भी बनाए रखना है। यह सुधार भारत में एक न्यायसंगत, आधुनिक और न्यायपूर्ण कानूनी ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। धायल ने विभिन्न अपराध, धाराओं व दंड प्रावधान के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि नए कानूनों में छोटे अपराधों के लिए दंड स्वरूप सामुदायिक सेवा का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने शिक्षकों को कानूनी अधिकार व कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी व स्कूल में विद्यार्थियों को भी नए कानूनों के बारे में जानकारी देने की बात कही। इस दौरान धर्मवीर ढाका, सत्यवीर सिंह, रामस्वरूप, जयनारायण सोनी सहित विभिन्न स्कूलों के शिक्षक शामिल रहें।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वीर तेजा मंदिर प्रांगण में सरकारी शिक्षकों को एडवोकेट अनिल धायल ने दी कानूनो की जानकारी।