Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
10-oct
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 मार्च 2024। वर्तमान समय में हर और देखने को मिल रहे टूटते परिवार व विवाह विच्छेद की स्थितियों का मूल संस्कारों में कमी है। ऐसे में आवश्यकता है कि मातृ शक्ति सती एवं पार्वती के चरित्र से प्रेरणा ले एवं आने वाली पीढ़ी के युवाओं तक संस्कारों की संवाहक बने। यह आह्वान भाई संतोष सागर महाराज ने कस्बे में गौमाता भंडारा समिति द्वारा महाशिवरात्रि के मौके पर आयोजित की जा रही भागवत कथा में सोमवार को किया। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रृद्धालू सनातन मुक्ति धाम पहुंच रहे है एवं गौमाता भंडारे का भी अवलोकन कर गौसेवार्थ आगे आ रहे है। सोमवार को कथा के दौरान कथा व्यास भाईश्री ने भगवान शिव के विवाह प्रसंग का उल्लेख किया। महाराज ने सती एवं पार्वती का उल्लेख करते हुए कहा कि सती ने माता-पिता की अवज्ञा कर शिव से विवाह किया लेकिन विवाह चल नहीं पाया वहीं पार्वती ने माता-पिता की आज्ञा से शिव से विवाह किया तो विवाह अमर हो गया। इससे प्रेरणा लेकर आज के युवाओं को भी माता-पिता से आज्ञा लेकर ही विवाह संबधी निर्णय लेने की बात कही। महाराज ने माता मैना द्वारा पार्वती को धैर्य से जीवन जीने का सीख देने का प्रसंग बताते हुए आज के समय में भी माताओं द्वारा बेटियों को अच्छी सीख देने की आवश्यकता जताई एवं बेटी के घर में मां ज्यादा दखल नहीं होने की बात कही। सोमवार की कथा के मुख्य यजमान गोपीकिशन-गीता देवी मोदी रहे। कथा के दौरान सजीव झांकियों का मंचन भी किया गया एवं संगीतमय कथा के दौरान श्रृद्धालू झूम उठे।