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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 नवम्बर 2023। विधानसभा चुनाव- 2023 के लिए मतदान 25 नवम्बर को होना है एवं मतदान के लिए आज से 10 दिन शेष रहें है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स द्वारा प्रतिदिन विशेष कवरेज “सत्ता का संग्राम” टाइम्स के सभी पाठकों के लिए चुनाव की काऊंडाउन के साथ लगातार प्रस्तुत की जा रही है। प्रतिदिन शाम को एक अंदरखाने की खबर के साथ क्षेत्र की चुनावी चर्चा पाठकों के समक्ष रखी जा रही है। इसी क्रम में पढ़ें आज की विशेष टिप्पणी।

“बाली के वध के लिए ओट से चला रहे बाण”
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हम सभी ने रामायण काल में बाली एवं सुग्रीव युद्ध के दौरान बाली वध के लिए ओट लेकर बाण चलाने का प्रसंग तो सुना ही है। श्रीडूंगरगढ़ के विधानसभा चुनावों में भी यह प्रसंग जुड़ ही रहा है यहां भी तीनों ही मुख्य प्रत्याशी पुराने, अनुभवी एवं अपने-अपने खेमों में बाली का रूप ही है। ऐसे में निर्दलीय, बसपा एवं रालोपा प्रत्याशियों की ओट से एक दूसरे पर नफा-नुकसान के बाण चलाए जा रहे है। उड़ती उड़ती में खबर आ रही है कि जो निर्दलीय, बसपा एवं रालोपा प्रत्याशी जिसे नुकसान पहुंचाता दिख रहा है उसके विरोधी उस प्रत्याशी से पर्दे के पीछे सम्पर्क साध रहा है। चुनाव लड़ने में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रखने की प्रेरणा भी ये बड़े नेता जेब खोल कर दे रहे है। लेकिन चुनाव है चर्चाओं का क्या, चर्चाएं तो होगी ही..

“अप्रत्याशित सक्रियता, कुछ तो गड़बड़ है दया”

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। टीवी के छोटे पर्दे के प्रसिद्ध सीरियल “सीआईडी” में एसीपी प्रद्यमुनसिंह का डायलॉग “कुछ तो गड़बड़ है दया” पर सोशल मीडियों में कई मीम्स बने हुए है। लेकिन श्रीडूंगरगढ़ की चुनावी रंगत में इन दिनों अंदरखाने यह डायलॉग फेमस हो रहा है। श्रीडूंगरगढ़ के विधानसभा चुनावों में जहां पहले पहल युवा लड़ाकों को कमजोर माना जा रहा था लेकिन दीपावली के बाद उनके प्रचार अभियान में अप्रत्याशित सक्रियता देखने को मिल रही है। युवा महिला शक्ति के सर्मथन में जहां क्षेत्र का बूढ़ा शेर मंगलवार से खुल कर दहाड़ने लगा वहीं युवा लड़ाके ने भी अपनी पार्टी के सुप्रीमों को हेलीकॉप्टर से बुला कर नई चर्चाएं छेड़ दी है। इसी प्रकार हाथी के साथी को भी गांवों में तौलने, भीड़ के साथ सभा होनी शुरू हो गई है। कुल मिला कर अंदरखाने से बात यहीं निकल कर बाहर आ रही है कि “कुछ तो गड़बड़ है दया”

“आस्था सबसे बड़ी, क्योंकि मंगल मुखी सदा सुखी”
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राष्ट्रवादी पार्टी द्वारा भले ही देश की सबसे पुरानी पार्टी पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया जाता रहा है लेकिन धार्मिकता के मामले में क्षेत्र के इस पार्टी के दिग्गज कहीं अधिक आस्थावान है। टिकट मिलने से पहले जहां दिग्गज नेताजी के सर्मथकों की आत्मविश्वास से भरी टैगलाइन ही “मंगल मुखी सदा सुखी” की थी। श्रीडूंगरगढ़ में देश की पुरानी पार्टी की टिकट को लेकर मचे दंगल के दौरान इस टैगलाईन के सहारे टिकट में सफलता मिलने से यह आस्था और अधिक बढ़ गई है। अब फिर से यह टैगलाईन जोर खा रही है एवं मंगलवार को ही मंगल मुखी होते हुए सब मंगल होने की कामना के साथ अपना प्रचार अभियान शुरू किया गया है। प्रचार अभियान भी बाबा पूनरासर के दरबार में हाजिर होकर शुरू किया गया है और किया क्यों ना जाए क्योंकि टिकट भी बाबा के दूसरे वार, मंगलवार के साथी शनिवार को ही आई थी। ऐसे में कार्यकर्ताओं ने इस टैगलाईन “मंगल मुखी सदा सुखी” को ही अपने प्रचार का मुख्य स्लोगन बना लिया है।