Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
010
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 फरवरी 2023। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में हर 100 में से 33 यूनिट बिजली छीजत और चोरी में जा रही है। एक तिहाई हिस्सा बिजली का चोरी-छीजत में जाना गम्भीर हालात है और विद्युत निगम इस पर रोकथाम के लिए रणनीति बना रहा है। इस सबन्ध में शनिवार को विद्युत निगम के मुख्य अभियंता हेडक्वार्टर ने श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के तीनों एईएन कार्यालयों के अधिकारियों की बैठक ली और दिशा निर्देश दिए है। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स को मिली जानकारी के अनुसार बैठक में चोरी और छीजत रोकने के लिए समस्त प्रकार के बकाया वाले कनेक्शन विद्युत पोल से काटने, बिना बकाया जमा करवाये अपने आप जोड़ लेने पर दुगुना जुर्माना लगा कर कानूनी कार्रवाई करने, स्वेच्छिक भार वृद्धि योजना के तहत किसानों से अपने बिजली भार वृद्धि करवाने के निर्देश दिए है। निगम अधिकारियों ने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में 33.64 प्रतिशत विद्युत हानि हो रही है व इसे कम कर 15 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य स्थानीय अधिकारियों को दिया गया है। बैठक में श्रीडूंगरगढ़ प्रथम, श्रीडूंगरगढ़ द्वितीय और ऊपनी सहायक अभियंता कार्यालयों के सहायक अभियंता व राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।
आंकड़ो में समझे चोरी का गणित।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 फरवरी 2023। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में अप्रैल 2022 से जनवरी 2023 तक निगम द्वारा 14240.68 लाख यूनिट बिजली का आहरण किया गया लेकिन इसके एवज में 9450.62 लाख यूनिट ही बेची गई है। इन 10 महीनों में 4790.06 यूनिट की चोरी-छीजत हुई है। अलग अलग आंकड़े देखें तो श्रीडूंगरगढ़ सहायक अभियंता प्रथम के क्षेत्र में 3363.34 यूनिट ली गई और 2515.79 यूनिट बेची गई। यहां 847.55 यूनिट की हानि, श्रीडूंगरगढ़ सहायक अभियंता द्वितीय कार्यालय के क्षेत्र में 6226.27 लाख यूनिट ली गई और 4155.57 लाख यूनिट बेची गई। यहाँ 2070.70 लाख यूनिट की हानि ओर सहायक अभियंता ऊपनी के क्षेत्र में 4651.07 लाख यूनिट बिजली ली गई और 2779.26 यूनिट बेची गई। यहां पर 1871. 81 लाख यूनिट की हानि निगम को हुई है। विदित रहे कि क्षेत्र में अवैध कनेक्शनो और जीएसएस पर ठेके कार्मिको द्वारा निर्धारित बिजली से ज्यादा बिजली सप्लाई देने के आरोप भी लगते रहे है। और छीजत-चोरी में निगम कार्मिकों की भूमिकाओ पर भी सवाल उठाए जाते रहे है।