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October 15, 2026
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औरण जनभावनाओं से जुड़े है, ये वनों का विकल्प नहीं, दिया ज्ञापन।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। औरण देवी देवताओं के नाम से रजिस्टर्ड देव भूमि है जहां धार्मिक आस्थाओं से जुड़े मेले, उत्सव व जात झडूलों के कार्यक्रम होते है। औरण को वन भूमि घोषित किया जाना पश्चिमी राजस्थान के जनमानस की भावनाओं व आस्थाओं पर प्रहार है। ये बात कहते हुए गौचर औरण संरक्षक संघ, राजस्थान के बैनर तले संघ सदस्यों ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक के नाम तहसीलदार को ज्ञापन देते हुए अपनी आपत्ति दर्ज करवाई है। संघ के जिला उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी, जयसिंह, हनुमान बरजांगसर, सिताराम जोशी श्रीडूंगरगढ़, बाबूलाल जोशी धनेरू ने ज्ञापन सौंपा। सदस्यों ने ज्ञापन में बताया कि औरण आमजन की भावनाएं जुड़ा स्थल है और ये हमारे ही पुरखों ने राजस्थान की मरूभूमि के रेगिस्तानी स्वाभाव को देखते हुए देवताओं के नाम पर छोड़ी थी। सदा से औरण भूमि में हरे वृक्षों की कटाई पर प्रतिबंध था, ये केवल पशु चराई के काम आती है, पशुपालकों के रेवड़ व बकरियों के झुंडों को चराने का एकमात्र साधन है, सूखी लकड़ी जलावन के लिए लेने, कैर, कुमटिया, सांगरी, गौंद, गूगल एकत्र कर आजीविका चलाने का साधन रही है। इसे वन भूमि घोषित किए जाने पर सभी गतिविधियां अवरूद्ध हो जाएगी व औरण परिक्षेत्र में प्रवेश से रोक लग जाएगी। जबकी अनेक स्थानों पर तो अनेक कच्चे, ग्रेवल रोड व कहीं तो डामर सड़कों से बने मार्ग है। सदस्यों ने इसे जन भावनाओं के विरूद्ध कार्य बताया। संघ ने कहा कि डीम्ड फॅारेस्ट के लिए गोदावर्मन केस डिक्शनरी मीनिंग ही काम में लिया जाए। अन्यथा ये विरोध आंदोलन का रूप ले लेगा।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। औरण को वन भूमि घोषित किए जाने को रोकने की मांग, जताया विरोध।

सतत निरीक्षण का जताया विरोध, निजी स्कूल संचालको ने दिया ज्ञापन।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। निजी स्कूलों में हर माह निरीक्षण किए जाने के आदेश का विरोध जताते हुए मंगलवार को निजी स्कूल संचालकों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। उपखंड अधिकारी कार्यालय में तहसीलदार राजवीर सिंह कड़वासरा व ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को स्कूल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन(सेवा) व निजी विद्यालय संगठन स्कूल शिक्षा परिवार के संयुक्त तत्वाधान में निजी स्कूल संचालकों ने ज्ञापन दिया। सेवा संगठन के प्रदेशाध्यक्ष कोडाराम भादू ने इसे तुगलकी फरमान बताया। स्कूल शिक्षा परिवार के ब्लॉक अध्यक्ष मूलचंद स्वामी ने इस आदेश को तुरन्त प्रभाव से वापस लिए जाने की बात कही। स्कूल संचालकों ने हर माह निरीक्षण करने के आदेश को अवैध वसूली करने की नीयत से असंवैधानिक और विवादित आदेश बताया। विरोध कर रहे निजी स्कूल संचालकों ने शीघ्र इस आदेश को वापस नहीं लिए जाने पर प्रदेश भर में आंदोलन करने की चेतावनी दी। इस दौरान ओमप्रकाश भूकर, प्यारेलाल ढुकिया, मनोज गुसाईं, सुरेंद्र महावर, विजयराज सेवग, रामलाल मौर्य, राकेश व्यास, कांतिप्रकाश दर्जी, संजय चूरा, दुर्गाप्रसाद पालीवाल, धीरज माटोलिया, रामनिवास धायल, विवेक उपाध्याय,  घनश्याम स्वामी, नानूराम मेघवाल, अजय आचार्य, विनोद बेनीवाल, मघराज प्रजापत सहित अनेक स्कूल संचालक शामिल हुए।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। निजी स्कूल संचालकों ने जताया विरोध, सौंपा ज्ञापन।

जूनियर ने सीनियर को दी फेयरवेल।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे में स्थित मदर के.डी.उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए फेयरवेल का आयोजन किया। समारोह में शाला के निदेशक प्यारेलाल ढूकिया ने नियमित अध्ययन से ही सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने की बात कही। शिशु भारती पब्लिक स्कूल के प्रधानाध्यापक सुभाष सिद्ध बाना ने समय प्रबंधन का महत्व बताते हुए अनुशासन से अध्ययन करने की प्रेरणा दी। वरिष्ठ अध्यापक लालनाथ सिद्ध, विष्णु विश्नोई, बी.आर. पांडेय, इंद्राज, शिव जोशी, शाला के एम.डी. उदय सिंह ढूकिया ने परीक्षा तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी। इस अवसर पर दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक मनोरंजक प्रस्तुतियां दी। सभी विद्यार्थियों को उपहार दिए गए। शाला का समस्त स्टाफ समारोह में उपस्थित रहा। कार्यक्रम में वेद भरतपाल बुडानिया, दीपक, गोविंद नैण ने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अध्यापक बी.आर. पांडेय ने किया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मदर केडी उमावि में विद्यार्थियों ने मनाया विदाई समारोह।