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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 31 जनवरी 2024। राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में स्थान देकर सम्मान दिलवाने का संकल्प अनेक युवाओं व राजस्थानी कलाकारों ने एक स्वर में किया और भाषा के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। मौका था मंगलवार को सिद्ध धर्मशाला में राजस्थानी मोट्यार परिषद के तत्वाधान में आयोजित 21 दिनों में 51 कस्बों में पदयात्रा कर श्रीडूंगरगढ़ पहुंचे सुदेश राजस्थानी, मदन चारण दासोड़ी, राजूनाथ के स्वागत सम्मान का। समारोह में हास्य कलाकार मुरारीलाल पारीक ने कहा कि मायड़ भाषा के इस संघर्ष में हम सब कलाकार साथ है। कलाकार बन्नू-पंकु के नाम से पहचान बनाने वाले बनवारीलाल व पंकज सोनी ने भाषा के लिए कार्य करना प्रति नागरिक का कर्तव्य बताया। अलगोजा वादक मनोज प्रजापत, हास्य कलाकार रामकर रोवणजोगो, छत्तीस फिट लंबी मूंछो वाले जगमाल सिंह, इंटरनेशनल गोल्ड मेडलिस्ट शीशपाल लिम्बा (पेरालम्पिक) आदि ने भी विचार रखें। राजस्थानी भाषा साहित्य संस्कृति अकादमी के पूर्व अध्यक्ष श्याम महर्षि ने कहा कि युवा कंधो पर ये संघर्ष लगातार आगे बढ़ना चाहिए। कवि छैलूदान चारण ने युवाओं में राजस्थानी भाषा के लिए जागृत हो रही चेतना की सराहना की। पदयात्रियों ने कहा कि इस अभियान में जहां गए वहीं लोगों का अपार स्नेह व सहयोग मिला है और इस संघर्ष को जारी रखेंगे। यात्रा संयोजक रामावतार उपाध्याय ने यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए आगामी रणनीति पर विचार रखें। मोट्यार परिषद बीकानेर के संभाग अध्यक्ष डॉ. हरिराम बिश्नोई सहित रामचंद्र सारडीवाल, हिमांशु टाक, प्रशांत जैन, राजेश चौधरी, एडवोकेट राजेश ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। गणेशसिंह राजपुरोहित, भागीरथनाथ, आसनाथ, मनोज देपावत, बाबूलाल, कमल मारू, हेमराज बिठू ने भी समारोह को संबोधित किया। परिषद के रामनिवास सिद्ध, अश्विनी बिटटू, रवि स्वामी, सम्पत सिंह, ओमप्रकाश, श्यामलाल, पूनम मुंड, सुलोचना सहित बड़ी संख्या में युवा कार्यक्रम में शामिल हुए।