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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 फरवरी 2025। क्षेत्र के परमहंस संत सोमनाथजी महाराज चारों ज्योर्तिलिंग के दर्शन कर 10 माह में 15 हजार किलोमीटर की पदयात्रा पूर्ण कर सोमवार शाम को हंसोजी धाम लौटे तो श्रद्धालुओं ने उनके स्वागत में पलक पांवड़े बिछा दिए। महंत भंवरनाथ ज्याणी के सान्निध्य में सैंकड़ों ग्रामीणों ने जयकारे लगाते हुए पुष्पवर्षा से संतजी का स्वागत किया। यात्रा के दौरान संत सोमनाथजी महाराज के शिष्य संत काननाथ जी उनके साथ रहें। दोनों संतो का महंत और मौजिज ग्रामीणों ने फुलमाला व शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। हंसोजी महाराज का पूजन किया गया व सभी श्रद्धालुओं को लड्डुओं का प्रसाद वितरण किया गया। संत सोमनाथ जी ने गुरू जसनाथजी की शिक्षा अहिंसा का पालन, सत्य बोलने, छल कपट नहीं करने, पथभ्रष्ट नहीं होकर स्वधर्म का पालन करने की प्रेरणा दी। सोमनाथजी ने यात्रा वर्तांत बताते हुए मन में ठान लेने पर कठिन से कठिन यात्रा भी पूर्ण होने की बात कही। हंसोजी धाम में हर्ष का माहौल छा गया व महिलाओं सहित श्रद्धालुओं ने संत दर्शन किए।

हंसोजी धाम आकर बोले थे अबोले संत सोमनाथजी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। खींवसर के निकट गांव के निवासी सोमनाथजी महाराज बचपन में अबोले थे। उनके माता पिता उन्हें लेकर हंसोजी धाम पहुंचे। तत्कालीन महंत बन्नानाथ जी के आज्ञा वचन के बाद संत सोमनाथजी बोल पड़े। उसके बाद जब उन्हें गांव ले गए तो उन्हें वैराग्य हुआ और वे धाम लौट आए। तभी से लगातार संत सोमनाथजी हंसोजी की सेवा पूजा में रह लगे है। नीेच दिए लिंक पर क्लिक कर देखें पूरा वीडियो:- https://www.facebook.com/share/v/15dJWEz7yh/