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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 जुलाई 2026। क्षेत्र में सरकारी शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। एक ओर सैंकड़ों विद्यालयों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त होने से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है और अभिभावकों में चिंता का माहौल है।
श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक में बाडेला के बाद बुधवार को गांव डेलवां में भी विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का कहना था कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहिए, लेकिन विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से नियमित पढ़ाई बाधित हो रही है।
चार साल बाद भी 19 क्रमोन्नत विद्यालयों में पद स्वीकृत नहीं
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गत सरकार ने सत्र 2022–23 में राजस्थान भर में 4,983 विद्यालयों का क्रमोन्नयन किया था, लेकिन इनमें से अनेक विद्यालय आज भी मूलभूत संसाधनों और स्टाफ के अभाव से जूझ रहे हैं। श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक के 19 क्रमोन्नत विद्यालयों में जुलाई 2026 तक भी शिक्षकों के पद स्वीकृत नहीं हो सके हैं। पद स्वीकृत नहीं होने के कारण इन विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति संभव नहीं हो पाई है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
555 पद रिक्त, शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ब्लॉक में कुल 1,887 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 555 पद रिक्त पड़े हैं। सर्वाधिक कमी प्रधानाचार्य और द्वितीय श्रेणी अध्यापकों की है। प्रधानाचार्य के 73 स्वीकृत पदों में से 39, व्याख्याता के 248 में से 74, उपप्रधानाचार्य के 55 में से 14 तथा द्वितीय श्रेणी अध्यापकों के 431 में से 235 पद रिक्त हैं। इसके अलावा तृतीय श्रेणी अध्यापक (लेवल-2) के 365 में से 50, लेवल-1 के 571 में से 108, शारीरिक शिक्षकों के 86 में से 17, लैब सहायक के 19 में से 9, कंप्यूटर अनुदेशक के 28 में से 7 तथा पूर्व-प्राथमिक अध्यापक के 11 में से 2 पद खाली हैं।