Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
0000000
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 जून 2025। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूल की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल अनेकों बार उठते ही रहें है। क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल का परिणाम चौंकाने वाला आया है। गांव जेतासर की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम के बाद ग्रामीणों में रोष व असंतोष का भाव भर गया है। स्कूल में 23 विद्यार्थियों में मात्र तीन विद्यार्थी सेकैंड ग्रेड से पास हुए है शेष सभी विद्यार्थी फेल हो गए है। ग्रामीणों ने बताया कि केवल गायत्री, ममता व सरोज तीन बालिकाएं जो अपने घर पर पढ़ रही थी वहीं पास हो सकी है। तीन विद्यार्थी परीक्षा देने नहीं आए और 16 विद्यार्थी फेल व एक विद्यार्थी सप्लीमेंट्री आया है। परिणाम के बाद ग्रामीण राज की पोल में ढोल बजने की बात कह रहें है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल जाकर बातचीत की तो हर बार की तरह शिक्षक नहीं होने का बहाना सामने आया। गांव के जागरूक युवाओं ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए बताया कि गत वर्ष भी इस विद्यालय का यही परिणाम रहा था। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए गांव के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने से बेहतर स्कूल को बंद करने की बात कही है। हालांकि विभाग ने समीक्षा करने व सुधारात्मक कदम बढ़ाने की नीति की घोषणा दो दिन पूर्व ही कि है। विभाग ने 17 सीसीए की कार्रवाई के बारे में बात कही गई।
सुनवाई नहीं, जो शिक्षक है वो, भी नहीं पढ़ाते है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्राम पंचायत जैतासर की महिला सरपंच सरिता देवी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए विभाग पर बेपरवाह होने व लीपापोती करने के आरोप लगाए। सरपंच ने कहा कि स्कूल में 12वीं कक्षा में विद्यार्थी ही नहीं है और 10वीं का परिणाम लगातार आमजन के साथ खिलवाड़ करने वाला आ रहा है। शंकरलाल नायक ने बताया कि गत सत्र में हमने खूब आवाज उठाई पर नतीजा ढाक के तीन पात, विभागीय अधिकारी सुनवाई नहीं करते। ग्रामीण सांवरमल खिलेरी ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को अनेक बार सूचना देते हुए बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने की बात कही है परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई और इस वर्ष भी परिणाम घोर निदंनीय रहा है। गांव के जागरूक ग्रामीण व सरकारी सेवारत लादूपुरी गोस्वामी ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि हम विद्यालय का पूरा स्टाफ बदलने की मांग करते है जिससे स्कूल का माहौल शैक्षणिक हो सके व बच्चे पढ़ सकें। स्कूल विकास समिति के अध्यक्ष बाबूलाल गोदारा व पूर्व अध्यक्ष परमाराम शर्मा ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि राज की पोल में ढोल बज रहें है। कुछ शिक्षकों की कमी है, जो है वे भी अन्य कामों में व्यस्त होने की बात कहते है, अभिभावक भी जागरूक होकर नियमित स्कूल रिपोर्ट लेवें तो सुधार हो सकेगा।
5 मई 2025 को विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के बाद स्कूल में आई प्रधानाचार्य मीना कुमारी मीणा ने स्थिति को गंभीर बताया, उन्होंने कहा कि वास्तव में बोर्ड परीक्षा का परिणाम शोचनीय है, लगातार इस पर चिंतन के साथ सुधार के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विद्यालय में सेकेंड ग्रेड शिक्षकों के पद रिक्त है। प्रोविजन पर हिंदी, संस्कृत व विज्ञान के शिक्षक आए है व गणित, अंग्रेजी व सा.विज्ञान के पद अब भी रिक्त है।