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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 जुलाई 2024। मानसून सर पर मंडरा रहा है और श्रीडूंगरगढ़ के नेताओं की शहर के कर्तव्यों के प्रति उदासीनता शहर को भारी पड़ने वाली है। चैम्बर, भूमिगत नाले, जोहड़ आदि की मानसून पूर्व होने वाली सफाई अभी तक नहीं हुई एवं शहर पूरा कीचड़ व गंदगी से अटा पड़ा है। ऐसे में सफाई ठेके नहीं होने की कोढ़ में एक कदम बढ़ कर खाज का काम करेगी ईओ की अनुपस्थिति। बीकानेर नगर निगम में कार्यरत निरीक्षक संदीप विश्नोई को श्रीडूंगरगढ़ ईओ का चार्ज था एवं उन पर सप्ताह भर में मात्र 1.5 दिन ही श्रीडूंगरगढ़ पालिका में आने के आरोप लगते रहे है। उनके कम आने के कारण यहां आचार संहिता हटने के एक माह बीत जाने के बाद भी सफाई ठेके नहीं हो पाए। अब जब टेंडर बन कर तैयार है व केवल खुलने थे तब ईओ 15 दिनों के लंबे अवकाश पर चले गए है। ऐसे में शहर की सफाई के टेंडर नए ईओ को चार्ज देने तक या इनके ही अवकाश से लौट आने तक फिर अधरझूल में लटक गए है।

तीन दिनों तक बारिश का अंदेशा, होगा शहर बदहाल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका में 60 स्थाई पालिका के सफाई कार्मिक भी है लेकिन इतने बड़े शहर को देखते हुए यह काफी कम है। ऐसे में शहर के चार में से तीन बासों एवं बाजार के अधिकांश हिस्से की सफाई ठेके के माध्यम से ही होती है। इनके अलावा कचरा संग्रहण ट्रेक्टर, चैम्बर, नाले सफाई आदि कार्य भी ठेकों पर ही होते है। ये सभी काम अब लटक गए है व दूसरी और आगामी तीन दिनों तक क्षेत्र में बारिश का अंदेशा है। क्षेत्र के नेताओं की शहर के प्रति इस गंभीर मामले में बरती जा रही उदासीनता के कारण मानसूनी बारिश आने पर शहर के हाल बदहाल होना भी तय हो गया है।

स्थाई कार्मिकों की सफाई पर फिर रहा पानी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में सफाई के लिए मचने वाली त्राहि त्राहि को देखते हुए पालिका द्वारा स्थाई कार्मिकों को ज्यादा विरोध वाले मोहल्लों में भेज कर कचरा एकत्र तो करवा लिया जाता है लेकिन एकत्र किया गया कचरा उठाने के लिए पालिका के पास एक भी ट्रेक्टर नहीं है। ऐसे में इन कार्मिकों द्वारा एकत्र किया गया कचरा भी वापस फैल जाता है व गलियां और अधिक खराब हो जाती है। वहीं यही एकत्र किया हुआ कचरा बारिश के पानी के बहाव से चैम्बरों, भूमिगत नालों में जाकर उन्हें भी बंद कर रहा है।

राम भरोसे शहर, किससे करे उम्मीद.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ कस्बा भाजपा सर्मथकों का बहुल कस्बा है, यहां वार्ड पार्षदों का चयन जहां भाजपा के पक्ष में अधिक हो रखा है वहीं विधानसभा चुनावों, लोकसभा चुनावों में भी भाजपा को बड़ी लीड शहर से मिलती है। अब जब शहर के लोगों के लिए अपने नगरपालिका बोर्ड से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक सभी भाजपा के हो गए तो उम्मीदें भी अधिक जग रही है। लेकिन इन उम्मीदों को पूरा करना तो दूर नेताओं द्वारा शहर के आवश्यक मुद्दों के प्रति गंभीरता तक नहीं दिखाई जा रही है। ऐसे में शहरवासी किससे उम्मीद करें यह एक यक्ष प्रश्न बन कर शहरवासियों के सामने खड़ा है।

“सफाई टेंडर तैयार है, ईओ के अभाव में नहीं हो पा रहे है। ईओ 15 दिनों की मेडिकल लीव पर गए है। उनके आने के बाद ही कार्रवाई आगे बढ़ पाएगी। शहर के हालातों के बारे में विधायक सहित उच्चाधिकारियों को बार बार अवगत करवा दिया गया है। पालिका के पास जितने संसाधन है उनमें पालिका प्रशासन अपने पूरजोर प्रयास कर रहा है।“
        मानमल शर्मा, पालिकाध्यक्ष श्रीडूंगरगढ़।