Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 15, 2026
10-oct
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 31 दिसंबर 2023। आज वर्ष 2023 का अंतिम दिन है और आज की संडे पॉजिटिव स्टोरी में आप पढें गौ तीर्थ बनने की ओर अग्रसर क्षेत्र की गोपाल गौशाला के बारे में। गौशाला परिवार के सभी सदस्य क्षेत्र के सभी आमजन को गौशाला आकर देखने, यहां के हिसाब किताब को समझने, एंव आने वाली पीढ़ी को गौसेवा की महत्ता समझाने के लिए गोशाला से जुड़ श्रमदान करने तक का आग्रह कर रहे हैं। यहां गौसेवा करने का आह्वान का ही परिणाम है कि आज यहां करीब 2 हजार गौवंश का पोषण हो रहा है। गौशाला अध्यक्ष जसराज मालू की अगुवाई में वर्षों पुराना निर्माण जो सड़क से नीचे होने के कारण जलभराव, जर्ररावस्था में था। वहीं पूरी गौशाला का नव निर्माण शहर के दानदाताओं के माध्यम से जारी है। मंत्री जगदीश स्वामी की देखरेख में यहां सभी व्यवस्थाएं सुचारू करने के भागीरथी प्रयास लगातार हो रहें है।

मल-मास में जारी है सेवा का दौर, आप भी जुड़ सकते है इस सेवा आयोजन में..।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इन दिनों चल रही शीतलहर के कारण गौवंश को भी अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता है। इस आवश्यकता को समझते हुए गौशाला प्रबंधन द्वारा “गौ-भोग कड़ाही” शुरू की गई है। इस कड़ाही के माध्यम से आम जन भी 5100 रुपये का सहयोग कर अपनी और से 4 क्विंटल लापसी-दलिया गौवंश को दे रहे है। गोपाल गौशाला के प्रबंधक कमल जोशी ने बताया कि सर्दी में गौवंश को पौष्टिक आहार देने के लिए करीब 4 क्विंटल बाजरी, ग्वार, गुड़, घी का दलिया गौवंश को खिलाया जा रहा है। इस सेवा में अभी तक एक गुप्त दानी सहित दिल्ली प्रवासी जसराज मालू, बबिता स्वामी पत्नी जगदीश स्वामी, भिवंडी निवासी कन्हैयालाल बाहेती पुत्र स्व. रुघलाल बाहेती, नन्दकिशोर लखोटिया पुत्र रतन कुमार लखोटिया, स्व. चिरंजीलाल शर्मा के पौत्र अजय कुमार शर्मा पुत्र स्व. जगदीश प्रसाद शर्मा, मुम्बई प्रवासी देवम झाबक पुत्र संजय झाबक, मुम्बई प्रवासी रोहित सोनी पुत्र सुरेश कुमार सोनी, मुम्बई प्रवासी दिनेश शर्मा पुत्र रामगोपाल शर्मा, बिग्गाबास निवासी जयचंद लाल प्रजापत पुत्र कन्हैयालाल प्रजापत, बिग्गाबास निवासी प्रमोद कुमार प्रजापत पुत्र मदनलाल प्रजापत, इसी मोहल्ले के मनीष कुमार प्रजापत पुत्र बाबूलाल प्रजापत आदि अपनी ओर से सहयोगी बन चुके है। मलमास के दौरान यह सेवा जारी रहेगी और गौसेवी इस संबंध में गौशाला प्रबंधन से संपर्क कर अपना सेवा भाग दे सकते है। मल-मास के दौरान सेवा, धर्म-कर्म, दान-पुण्य आदि के अतिरिक्त प्रयास करने का अत्यधिक महत्व माना जाता रहा है और हर एक जन ऐसे प्रयास करते भी है। ऐसे में गौसेवा के प्रयास प्रेरणीय बन रहे है।

जिला स्तरीय पुरुस्कार, आदर्श स्थिति के कारण बनी प्रेरणीय।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गत वर्ष लंपी रोग के कारण पूरे राज्य में असंख्य गौवंश ने अपने प्राण गंवाए थे। लेकिन गौवंश के लिए काल साबित हुए उस दौर में भी गोपाल गौशाला का रोग प्रबंधन काबिले तारीफ रहा। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने, चिकित्सकों ने पूरे जिले की अन्य गौशालाओं के संचालकों को श्रीगोपाल गौशाला का निरीक्षण करने की सलाह दी। जिससे बीमार गौवंश के इलाज संबंधी रखरखाव को समझा जा सकें। इससे पहले भी बेहतर प्रबंधन एवं पारदर्शिता के लिए जिला स्तरीय आदर्श गौशाला पुरुस्कार भी इस गौशाला को मिल चुका है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कड़ाके की ठंड में गौवंश के लिए रोजाना करीब 4 क्विंटल दलिया बनाकर गौवंश को पौष्टिक आहार के रूप में खिलाया जा रहा है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बड़े कड़ाहे में रोजाना पकाई जा रही है दलिया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। दानदाताओं के सहयोग से गौशाला के गौवंश को मिल रहा है पौष्टिक आहार।