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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 मई 2026। गांव लाखनसर में जाट समाज की सर्वसमिति बैठक में सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय लिया गया। समाज के मौजिज लोगों की सर्वसम्मति से मृत्यु भोज और ओडावणी की प्रथा को पूर्ण रूप से बंद करने का फैसला लिया गया। साथ ही यह भी तय किया गया कि अब समाज में ओडावणी नहीं ली जाएगी। बैठक में शादी-विवाह के दौरान बहन-बेटियों द्वारा रातिजोगा कार्यक्रम में बर्तन बांटने की परंपरा को भी पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया गया। समाज के लोगों ने इसे समय की जरूरत बताते हुए सामाजिक समानता, सादगी और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। समाज के वरिष्ठ लोगों ने कहा कि ऐसे फैसलों से सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगेगा और आम परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा। यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा तथा समाज में सकारात्मक संदेश देगा। बैठक में समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें मुनीराम भादू, चंदू कड़वासरा, बिरजू राम भादू, तन्नाराम, हीराराम, भगवानराम डूडी, आदूराम डूडी, सहीराम डूडी, ईश्वरराम पूनिया, शीशराम पूनिया, जयकिशन बांगड़वा, राजू बांगड़वा, परमाराम भादू, पुरखाराम भादू, संतोष कुमार डूडी, सीताराम भादू, लालचंद कड़वासरा, जगमाल भादू, भीयाराम भादू, देदाराम भादू, जेसनाथ, बीरनाथ और भादरनाथ सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे।