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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 अक्टूबर 2025। धनतेरस और दीपावली पर आमजन मानस में सोने चांदी की खरीद को लेकर शुभता की मान्यता के चलते हर परिवार में सोने चांदी के भाव बढ़ने की चर्चा हो रही है। सोने और चांदी के आसमान छू रहें भावों की चर्चाओं के बीच पढ़ें श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स की खास खबर:-
जयपुर और बीकानेर में गुरूवार को रहें ये भाव।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गुरूवार को राजधानी जयपुर में चांदी पहली बार 1.50 लाख रूपए प्रति किलो के पार हो गई है। इसके साथ सोना भी 1,20,500 रूपए प्रति दस ग्राम के रिकॉर्ड भाव बिका है। इससे 10 ग्राम जेवराती सोने की कीमत 1,12,400 रूपए हो गई। पिछले तीन महीने में चांदी ने अपनी तूफानी रफ्तार से सोने को पीछे छोड़ दिया। इस साल 9 महीने में ही चांदी लगभग 70 फीसदी और सोना करीब 54 फीसदी महंगा हो चुका है। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अनुसार, 30 दिसंबर 2024 को, जयपुर में शुद्ध सोना 78,300 रूपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 88,400 रूपए प्रति किलोग्राम थी। उधर, पिछले एक महीने यानी 30 अगस्त से 2 अक्टूबर सोना 13.4% और चांदी 21% से अधिक चढ़ चुकी है। वहीं बीकानेर में गुरूवार को सर्राफा बाजार में शुद्ध चांदी प्रति किलो 1,49800 रूपए (कर रहित), सोना प्रति दस ग्राम बिटूर 120800 के भाव रहा । वहीं जेवराती सोना बीकानेर में 1,14,100 रूपए रहा।
त्योहारी सीजन पर पड़ा खासा फर्क…
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। त्योहारी सीजन और सोने चांदी की रिकॉर्ड बढ़ती रेट से आमजन चिंतित है। इस बार नवरात्र व दशहरे पर रूटीन खरीददारी में गिरावट दर्ज की गई है। सोने के रेट बढ़ने से महिलाओं की घरेलू बचत से होने वाली खरीद पर असर है। ये असर करवा चौथ पर भी नजर आएगा। भाव अधिक होने के कारण घरेलू बचत का फायदा बाजार को नहीं मिलेगा। मान लीजिए एक महिला ने घर में 1 लाख रूपए या किसी दूसरी ने 25 हजार रूपए बचाए। तो वे चाहकर भी इस मूल्य में आज सोना ना लेकर चांदी में ही बचत लगा पाएगी।
इनवेस्टमेंट हुआ सेफ, व्यापार पर असर कम…
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। घरेलू बचत का प्रतिशत त्योहारी सीजन में सोना चांदी खरीद में कम होगा परंतु व्यापार पर अत्यधिक असर नहीं होगा। शेयर मार्केट के उतार चढ़ाव को देखते हुए बड़े इनवेस्टर अब सोने व चांदी को सेफ इन्वेस्टमेंट मान रहें है। ऐसे में बड़े व्यापारी जिन्हें इन्वेस्टमेंट के हिसाब से पैसा सेव करना हो, वे सोने व चांदी की खरीद करेंगे। जिससे व्यापार में असर नहीं होगा और सोना चांदी बाजार से बड़े इनवेस्टमेंट करने वालों के यहां पहुंचेगा।
सामान्य परिवारों की पहुंच से दूर हो रहा सोना।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस बार फेस्टिवल सीजन शुरू हो चुकी है। बीकानेर व श्रीडूंगरगढ़ में स्थित प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान टीएन ज्वैलर्स के संचालक रेवंतराम जाखड़ ने बताया कि डेली रूटीन की खरीददारी मंहगे सोने से असर से खासी प्रभावित हुई है। हां शुद्ध सोना, जैसे गिन्नी व बिस्कुट की खरीद हो रही है, जो इन्वेस्टमेंट के लिए ली जा रही है। सोने के भावों के कारण सोना सामान्य परिवारों की पहुंच से बाहर होने की चर्चाएं भी जोरों पर है। जाखड़ ने बताया कि जिन घरों में आगामी दिनों में विवाह समारोह के आयोजन होने वाले है, उन घरों में तो उत्साह के साथ सोने के गहने लिए जा रहें है। हालांकि इसमें वजन में खासा फर्क आ गया है।
खरीदने से पहले पढ़े जरूरी जानकारी, रहें जागरूक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ में घास मंडी रोड पर स्थित प्रतिष्ठित केएसएस ज्वैलर्स के शिवलाल सारस्वत मोट ने बताया कि सोने में वैसे तो जेवराती सोना कुछ होता ही नहीं है। ज्वैलरी की सबसे अच्छी क्वालिटी 22 कैरेट होती है। मान लीजिए शुद्ध सोने का भाव 1,20,800 प्रति 10 ग्राम है। तो हमें जितने कैरेट सोना लेना है। उसकी शुद्धता से गुना कर देना है। जैसे 22 कैरेट सोना लेना है, तो 22 कैरेट में सोने की शुद्धता 91.66% होती है। इसका अर्थ ये हुआ कि 120,800*91.66%=110,725 ये 22 कैरेट का दाम है। उसी प्रकार अगर 20 कैरेट (83.33) सोने के जेवरात लेने है तो 120,000*83.33%=99,996 रुपए होगा। इसी प्रकार 18 कैरेट (75.00) 120,000*75%=90,000 रूपए के भाव होंगे। सारस्वत ने बताया कि बाजार विश्लेषक ये बता रहें है खरीददारी में अधिक फर्क नहीं आएगा क्योंकि आमजन की खरीद कम होगी पर इन्वेस्टर की खरीद बढ़ेगी।