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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 मई 2025। किसानों को खेती की उन्नत तकनीक, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देने तथा प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 29 मई से 12 जून तक विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय की पहल पर आयोजित होने वाले इस अभियान के तहत जिले की 180 ग्राम पंचायतों में कृषि अधिकारी, केवीके तथा भारतीय कृषि अनुसंधान से जुड़े विभिन्न संस्थाओं के वैज्ञानिक किसानों से संवाद कर विभिन्न जानकारियां साझा करेंगे। इसी के तहत विकसित कृषि संकल्प अभियान का जिला स्तरीय कार्यक्रम शेरूणा श्रीडूंगरगढ़ में आयोजित किया गया। अभियान में कृषि उद्यानिकी विभाग के साथ साथ विभिन्न कृषि अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिकतम कृषि-उद्यानिकी तकनीक की जानकारी दी। जिला स्तरीय अभियान के शुभारंभ के दौरान दौरान जगदीश राणे, निदेशक शुष्क बागवानी संस्थान, कैलाश चौधरी संयुक्त निदेशक कृषि, अनिल पूनिया डायरेक्टर ऊष्ट अनुसंधान केन्द्र, नीना सरीन निदेशक प्रसार शिक्षा एसकेआरएयू, आर ए लेधा निदेशक भेड़ अनुसंधान संस्थान, विजय सिंह वैज्ञानिक काजरी, दीपक सरोलिया वैज्ञानिक सीआईएएच, वेद प्रकाश वैज्ञानिक एनआरसीसी, मदनलाल परियोजना निदेशक आत्मा, रधुवर दयाल सुथार सहायक निदेशक कृषि इत्यादि उपस्थित रहें व किसानों से संवाद किया। इस दौरान कृषि विभाग उद्यानिकी से सहायक निदेशक मुकेश गहलोत‌ ने किसानों को कृषि उद्यानिकी विभाग द्वारा देय विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। अभियान का उद्देश्य जलवायुवीय चुनौतियों और स्थानीय परिस्थितियों के साथ किसानों को आधुनिकतम तकनीकी की जानकारी देते हुए अधिकतम लाभ कमाने के लिए तैयार करना है। इस अभियान का उद्देश्य आगामी खरीफ फसलों की पैदावार को बढ़ाने के साथ किसानों को इन फसलों में आने वाली चुनौतियों और समस्याओं से निपटने के लिए तैयार करना है। इस दौरान स्थानीय प्रगतिशील नवाचारी किसानों के अनुभव भी साझा किए गए। खेत की मिट्टी के नमूने लिए गए तथा इन्हें जांच पश्चात किसानों को उनकी मिट्टी की स्वास्थ्य से अवगत कराया जाएगा। जिले में कई राष्ट्रीय स्तर के कृषि अनुसंधान संस्थान कार्यरत है, अभियान के दौरान अतिरिक्त समन्वय करते हुए एक प्लेटफार्म पर कार्य करते हुए किसान को सम्रद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के दौरान संस्थानों में हो रहे अनुसंधान का पूरा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ मदन लाल रेगर ने बताया कि इस पूरे अभियान की सफलता के लिए विभिन्न संस्थाओं के समन्वय से चार टीमें बनाई गई है। सभी चार टीमें एक दिन में कुल 12 ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित कर किसानों के साथ संवाद आयोजित हो रहे हैं। अभियान में विभागीय अधिकारी मेघराज बंजारा कृषि अधिकारी, सहायक कृषि अधिकारी बलवीर भादू, अनिल कुमार, रणजीत सिंह, बीएल सैनी, नवरत्न पंवार, मुकेश चौधरी, सरपंच प्रतिनिधि भरत सिंह राठौड़ व बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहें।