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October 16, 2026
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कपिला स्वामी
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 मई 2021। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में काेराेना से आंकड़ों में भले ही अभी तक 9 मौतें ही हुई हुई है लेकिन हालात इससे एकदम उलट है एवं बड़ी संख्या में लाेगाें के प्राण गवांने की सूचनाएं मिल रही है। ऐसी ही दुखद खबर आई आज कस्बे के कालूबास बास से, जहां बाल निकेतन स्कूल के पास रहने वाले रामगाेपाल साेनी के 35 वर्षीय पुत्र हेमंत साेनी का निधन हाे गया। हेमंत की मां काेराेना संक्रमित है एवं हेमंत की भी तबीयत बिगड़ने पर दाे दिनाें तक बीकानेर स्थित निजी काेविड सेंटर एवं बाद में पीबीएम में भर्ती करवाया गया था। कस्बे के 35 वर्षीय युवा को खो देने से क्षेत्र का माहौल गमगीन है और इसी गमगीन माहौल में पीपीई किट पहन कर उनका अंतिम संस्कार कालूराेड स्थित सनातन शमशान भूमि पर किया गया है। हेमंत की मृत्यु भले ही काेराेना के आंकड़ो में शामिल ना हाे लेकिन धरातल पर यह उन सभी लाेगाें काे आईना दिखा रहा है जाे कि काेराेना काे हल्के में लेकर बेवजह घराें से बाहर निकल रहे है। हेमंत के जैसे ही गांव देराजसर में सुथार परिवार की 55 वर्षीया महिला की मृत्यु हाे, चाहे गांव बापेऊ में भंवरलाल सुथार की माैत हाे, गांव गुंसाईसर बड़ा में मुरलीदास स्वामी और परतदास स्वामी का निधन हाे, या गांव बाना में हीरादेवी बाना की मृत्यु हाे, गांव गाेपालसर में 60 वर्षीया माेहिनीदेवी बुडिया का निधन हाे या गांव बेनिसर में 50 वर्षीया शांतिदेवी सिद्ध की मृत्यु हाे इन सभी की गणना काेराेना के आंकड़ो में नहीं है लेकिन हर काेई जानता है की इन सभी स्वस्थ लाेगाें के केवल काेराेना के लक्षण एवं काेराेना के उपचार के बाद मृत्यु हाेने के कारण ये सभी काेराेना की भेंट चढ़ गए है। खबर में दिए गए ये नाम ताे बस एक बानगी भर है इनके जैसे पूरे क्षेत्र के हर गांव में हर दिन 1-2, 1-2 लाेगाें की मृत्यु काेरोना के लक्षणाें व उपचार के बाद हाे रही है। ऐसे में वास्तविकता यह है कि काेरोना आंकड़ो में बताई जा रही मृत्यु से वास्तविक रूप में हाे रही मौते कई गुना अधिक है। अभी भी समय है हमारे क्षेत्रवासियाें काे क्षेत्र काे बचाने के लिए जागरूक हाेकर अपने अपने घराें में रहने और रिश्तेदारी में भी हो रहे सामूहिक आयोजनों काे स्थगित करवानें में अपनी भागीदारी निभाने की जरूरत है। आम नागरिक बिना किसी अत्यंत जरूरी कार्य के केवल सब्जी, दूध लाने के छाेटे छाेटे बहाने बना कर घराें से निकलना बंद करें। सभी क्षेत्रवासी जागरूक हाेकर खुद काे हाेम कवारेंटाइन करें एवं टीकाकरण के पात्र अपना टीका लगाएं ताे ही श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र काेराेना से जंग जीत पाएगा। देश भर के विशेषज्ञ ये चेतावनी दे रहें है कि आने वाले 15 दिन राजस्थान के लिए भारी है, शनिवार को मुख्यमंत्री भावुक हो गए, एसएमएस हो या पीबीएम डॉक्टर हाथ जोड़ कर सम्भलने की बात कह रहे है ऐसे में बता देवें गम्भीर हो जाए और देश के काम आए। अन्यथा ये कुछ दिन कोरोना के निकल जाएंगे परन्तु कोई ऐसा घाव न दे जाए कि जीवन भर उसकी पीड़ा शेष रह जाए। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स की टीम आप सभी से अपील करती है कि अपने घरों में रहें और कोरोना की चेन तोड़ कर क्षेत्र को कोरोना मुक्त करने में अपना योगदान देवें।