Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
0000000000000000000
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 फरवरी 2025। तापमान में बढ़ोतरी को देखते हुए किसान चितिंत हो उठे है और इसका पूरा प्रभाव उत्पादन पड़ने की आशंकाए जता रहें है। ऐसे में किसानों के लिए मैथी, सरसों तथा इसबगोल फसल में छाछिया रोग प्रबंधन हेतु एडवाइजरी जारी की गई है। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा- कृषि अनुसंधान केंद्र द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना को देखते हुए फसलों की नियमित रूप से निगरानी की आवश्यकता है। एडवाइजरी के अनुसार सरसों, मैथी , जीरा, ईसबगोल में छाछिया रोग से बचाने के लिए किसान 20 किलो सल्फर पाउडर प्रति हेक्टेयर भुरकाव कर सकते हैं या दो ग्राम घुलनशील सल्फर या एक मिलीलीटर डिनोकैप 30 ईसी प्रति हेक्टेयर के अनुसार छिड़काव कर सकते हैं। माहू या एफिड का प्रकोप होने पर डाइमिथाइट 30 ईसी की 1200 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर पानी के साथ छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त फसलों की अच्छी वृद्धि और विकास के लिए समय पर सिंचाई करने की भी एडवाइजरी जारी की गई है।