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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 जनवरी 2026। नेशनल हाइवे पर श्रीडूंगरगढ़ घुमचक्कर से निकलते ही सेसोमूं स्कूल के सामने करीब 5.15 बजे हाहाकार मच गया। यहां जयपुर से बीकानेर जा रही तेज रफ्तार स्लीपर बस ने नियंत्रण खो दिया और एक चारे से भरे ट्रक से भिड़ कर एक खड़े ट्रेलर से टकरा गई। बस आगे से क्षतिग्रस्त कम हुई थी, परंतु बस में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। एकाएक आग ने रफ्तार पकड़ ली और तुरंत सवारी दरवाजा लॉक हो गया। इस दरवाजे को खोलने के लिए अनेक प्रयास किए गए और मौके पर सवारियों की चीख पुकार से हाइवे दहल उठा। घटना के बाद चंद पलों में ड्यूटी ऑफिसर हैड कांस्टेबल बलवीर काजला टीम के साथ मौके पर पहुंचे। काजला ने सवारी दरवाजा खोलने का प्रयास किया और नहीं खुलने पर तुरंत पीछे से आपातकाल खिड़की का शीशा तुड़वाया। इसी से एक एक कर बस में सवार 40 सवारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सवारियों ने जान बचने पर भगवान का शुक्र अदा किया और पुलिस का आभार जताया। बलवीर काजला ने बताया कि आग को देखकर दिमाग में केवल सवारियों की जान बचाने की बात रही और बस इस एक ही मिशन पर ही सारा ध्यान लगाकर टीम ने बहुत तेजी से काम किया। ट्रक भी जलकर खाख हो गया व ट्रक चालक व परिचालक घालल हुए जिन्हें उपजिला अस्पताल से बीकानेर ट्रोमा सेंटर रेफर कर दिया गया। मौके पर हाइवे पेट्रोलिंग टीम भी एंबुलेंस व क्रेन लेकर पहुंची, पालिका से फायर ब्रिगेड कार्मिक भी दमकल लेकर पहुंचे व राहत कार्य में सहयोगी बने।
आपातकाल दरवाजा बना संकटमोचन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हादसे में आपातकाल दरवाजा ही संकटमोचन बना। हैड कांस्टेबल बलवीर काजला ने बताया कि हादसा इतना भयानक था कि आपातकाल खिड़की नहीं होती तो आज कई दर्जन परिवार उजड़ जाते है। पुलिस की त्वरित सूझबूझ काम आई और 40 जाने बच सकी। प्रशासन की सख्ती और स्लीपर बसों में आपातकाल दरवाजे का प्रावधान का फैसला आज कारगर साबित हुआ है।
लाखों का सामान जलकर खाख हुआ।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हादसे में बस की डिग्गी का दरवाजा भी ऑटो लॉक हो गया। पुलिस जवानों ने इसे खोलने का प्रयास किया परंतु ये नहीं खुला और डिग्गी में रखा सामान जलकर खाख हो गया। हैड कांस्टेबल बलवीर काजला ने बताया कि आश्चर्य है कि डिग्गी का दरवाजा भी लॉक हो गया और नहीं खुला। सभी यात्रियों का लाखों का सारा सामान जलकर खाख हो गया है। बस और ट्रक पूरी तरह से कबाड़ में बदल गए है।