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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 अप्रैल 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में शनिवार सुबह वन विभाग की उदासीनता से एक हिरण की मौत हो गई और इस कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। क्षेत्र के गांव कल्याणसर पुराना व लिखमीसर के बीच में प्रसिद्ध रामदेवरा मंदिर के ओरण में कुत्तों ने शनिवार सुबह एक हिरण के शिकार का प्रयास किया। कुत्तों के भौंकनें का शोर सुन कर पास के खेत के किसान वहां पहुंचें एवं हिरण को कुत्तों के चंगुल से छुडवा कर पास ही स्थित रामदेवरा जीएसएस लेकर पहुंचें व मंदिर पुजारी को भी सूचना दी। मंदिर पुजारी द्वारा सुबह 7.40 पर वन विभाग श्रीडूंगरगढ़ को सूचना दी गई एवं वन विभाग द्वारा एक घंटे में वाहन व कार्मिक पहुंच कर हिरण को रेस्कयू सेंटर ले आने की बात कही गई। ग्रामीण तीन घंटों तक इंतजार में रहे लेकिन वन विभाग द्वारा घायल हिरण की सुध नहीं ली गई व उसकी मौत हो गई। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया एवं हिरण को बचाने वाले किसान राजू, पप्पु, लालचंद, मंदिर पुजारी देवीसिंह आदि ने विभागीय उदासीनता पर रोष जताते हुए विभाग की लापरवाही से हिरण की जान जाने का आरोप लगाया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हिरण की पीठ पर कुत्तों द्वारा दांत लगा कर घायल किया गया हुआ था एवं समय पर उपचार मिल जाता तो हिरण की जान बच जाती। अब ग्रामीण हिरण का शव लिए बैठे है एवं वन विभाग के कार्मिकों का इंतजार कर रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कार्मिक अगर नहीं पहुंच सकते तो था कम से कम यह स्पष्ट कह देते तो आस पास के गांव में हिरण को ले जाकरी पशु चिकित्सकों से उसका प्राथमिक उपचार तो करवाते। लेकिन विभागीय अधिकारी थोड़ी देर में आने का आश्वासन देते रहे व इस कारण हिरण की मौत हो गई। हालांकी मौत के बाद पुन: फोन किया तो कार्मिक गाड़ी पुरानी होने, नई गाड़ी का आवेदन किया होने आदि बातें कहते नजर आए। वन विभाग की यह उदासीनता शनिवार सुबह एक बेजुबान के लिए काल बन गई एवं इससे क्षेत्र के वन्य प्रेमियों में रोष फैल गया है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। घायल हिरन को लेकर रामदेवरा 33 केवी जीएसएस पर ग्रामीण करते रहे घंटो तक वन विभाग कार्मिकों का इंतजार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हिरन की पीठ में लगे कुत्तों के नोंचने से घाव, समय पर वन विभाग सुध लेता तो बच जाती जान।