Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
000000000000
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 जून 2025। सोमवार सुबह गौकथा वाचिका साध्वी श्रद्धा गोपाल दीदी ने गांव तोलियासर में स्थित श्रीनंदी भैरव गोपाल गौशाला का अवलोकन किया। दीदी ने गौशाला में पक्षीशाला, पौधारोपण कार्यक्रम, पक्षियों के लिए पानी के व्यवस्था व बेसहारा गौवंश की सेवाओं की खूब सराहना की। दीदी ने कहा कि इस दौरान गणेश सेवा समिति ने साध्वी का अभिंनदन किया और समिति की ओर से 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाली सभी ग्रामीण प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। साध्वी श्रद्धा गोपाल दीदी ने गाय व गुरूकुल को भारतीय परंपरा का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने गुरुकुल शिक्षा की विशेषताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें संस्कार, आचरण और जीवन जीने की कला भी सिखाई जाती थी। वहीं आज लॉर्ड मैकाले की शिक्षा प्रणाली केवल नौकरी और विदेशी भाषा पर आधारित बताते हुए उसे भारतीय संस्कृति के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा पद्धति में नैतिक मूल्यों और व्यवहारिक ज्ञान की कमी बताते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार जुड़ते है, तभी एक सभ्य और मजबूत समाज बन सकेगा। कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण प्रेमी राजू सिंह, गणेशसिंह व राजकीय शिक्षक लक्ष्मीनारायण राजपुरोहित द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि गिरधारीसिंह राजपुरोहित, गणेश पटवारी, मालसिंह, मालाराम सोनी सहित गांव के सभी जाति वर्ग के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन राज सर ने किया।