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October 17, 2026
19-april
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 अप्रैल 2026। पढें आज का पंचांग ओर जाने दिन भर का शुभ-अशुभ समय, घड़ी-चौघड़िया।

🚩श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 19 – Apr – 2026
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि द्वितीया 10:52 AM
🔅 नक्षत्र :
भरणी 07:10 AM
कृत्तिका 07:10 AM
🔅 करण :
कौलव 10:52 AM
तैतिल 10:52 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग आयुष्मान 08:01 PM
🔅 वार रविवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:05 AM
🔅 चन्द्रोदय 07:01 AM
🔅 चन्द्र राशि मेष
🔅 चन्द्र वास पूर्व
🔅 सूर्यास्त 07:01 PM
🔅 चन्द्रास्त 09:25 PM
🔅 ऋतु वसंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1948 पराभव
🔅 कलि सम्वत 5128
🔅 दिन काल 12:55 PM
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास अमांत वैशाख
🔅 मास पूर्णिमांत वैशाख

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 12:07:34 – 12:59:16
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 05:17 PM – 06:09 PM
🔅 कंटक 10:24 AM – 11:15 AM
🔅 यमघण्ट 01:50 PM – 02:42 PM
🔅 राहु काल 05:24 PM – 07:01 PM
🔅 कुलिक 05:17 PM – 06:09 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 12:07 PM – 12:59 PM
🔅 यमगण्ड 12:33 PM – 02:10 PM
🔅 गुलिक काल 03:47 PM – 05:24 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ

📜 चोघडिया 📜

🔅उद्वेग 06:05:35 – 07:42:32
🔅चल 07:42:32 – 09:19:30
🔅लाभ 09:19:30 – 10:56:27
🔅अमृत 10:56:27 – 12:33:25
🔅काल 12:33:25 – 14:10:23
🔅शुभ 14:10:23 – 15:47:20
🔅रोग 15:47:20 – 17:24:18
🔅उद्वेग 17:24:18 – 19:01:15
🔅शुभ 19:01:15 – 20:24:10
🔅अमृत 20:24:10 – 21:47:05
🔅चल 21:47:05 – 23:10:00
🔅रोग 23:10:00 – 24:32:55
🔅काल 24:32:55 – 25:55:50
🔅लाभ 25:55:50 – 27:18:45
🔅उद्वेग 27:18:45 – 28:41:40
🔅शुभ 28:41:40 – 30:04:34

📜 लग्न तालिका 📜

🔅 मेष चर
शुरू: 05:50 AM समाप्त: 07:29 AM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 07:29 AM समाप्त: 09:26 AM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:26 AM समाप्त: 11:40 AM

🔅 कर्क चर
शुरू: 11:40 AM समाप्त: 02:01 PM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 02:01 PM समाप्त: 04:18 PM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 04:18 PM समाप्त: 06:34 PM

🔅 तुला चर
शुरू: 06:34 PM समाप्त: 08:53 PM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 08:53 PM समाप्त: 11:12 PM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 11:12 PM समाप्त: अगले दिन 01:16 AM

🔅 मकर चर
शुरू: अगले दिन 01:16 AM समाप्त: अगले दिन 02:59 AM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: अगले दिन 02:59 AM समाप्त: अगले दिन 04:28 AM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 04:28 AM समाप्त: अगले दिन 05:50 AM

🌼 अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती

सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को बेहद शुभ और पुण्यदायी तिथि माना गया है। साल 2026 में यह पर्व आज 19 अप्रैल को मनाया जाएगा
अक्षय तृतीया को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और मंगलकारी पर्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किया गया दान, जप, तप और खरीदारी कभी व्यर्थ नहीं जाती बल्कि उसका फल कई गुना बढ़कर मिलता है।

मान्यता है कि अक्षय तृतीय के दिन सोने चाँदी के गहने / बर्तन , संपत्ति में खरीदारी अथवा और भी कई जगह निवेश से लाभ मिलता है । इस दिन हर व्यक्ति को समार्थ्य के अनुसार कुछ ना कुछ शुभ वस्तुएँ अवश्य ही खरीदनी चाहिए |

लेकिन इस बार इस दिन एक अलग खरीददारी करें इससे निश्चय ही आपके घर परिवार में सुख समृद्धि की कोई भी कमी नहीं रहेगी , आपका भाग्य चमकने लगेगा ।
इस अक्षय तृतीय पर स्फुटिक श्रीयंत्र, दक्षिणवर्ती शंख, व्यापार वृद्धि यंत्र आदि की अति शुभ खरीददारी करें यदि संभव हो तो इनमें कुछ यंत्रो को चाँदी में बना हुआ खरीदें । इन्हे कच्चे दूध तथा गंगा जल से धोकर उसे अपने घर के मंदिर या धन रखने के स्थान में चाँदी की प्लेट या लाल कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर अखण्डित अक्षत ( साबुत चावल जो टूटे हुए ना हो ) रखकर उसके ऊपर स्थापित करें , फिर इन पर चन्दन से तिलक करके इन्हे नित्य धूप , अगरबत्ती दिखाते रहे । माना जाता है की कौड़ियों में देवी लक्ष्मी को आकर्ष‌ित करने की क्षमता होती है क्योंकि कौड़ियाँ भी माँ लक्ष्मी के समान ही समुद्र से उत्पन्न हुई हैं।अक्षय तृतीया के दिन कौड़ियों को खरीद कर अपने धन स्थान पर रखे, कौड़ियों की नियमित रूप से केसर / हल्‍दी से पूजा करने से आर्थिक परेशानियाँ नहीं सताती है |

खरीददारी करने का मुहूर्त :-
10:52 के बाद पूरे दिन खरीददारी कर सकते हैं

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री