Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
00000
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 अगस्त 2025। राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति के सहयोगी संस्थान मरूभूमि शोध संस्थान, श्रीडूंगरगढ़ द्वारा प्रकाशित-प्रसारित भाषा, साहित्य, संस्कृति और लोक चेतना की त्रैमासिकी ‘राजस्थली’ 1 सितम्बर 2025 को 50वें वर्ष में प्रवेश करेगी। पत्रिका के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष में वर्ष भर साहित्यिक-सांस्कृतिक और शोध से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे और वर्ष भर में 51 विद्वानों को उनके साहित्यिक, सांस्कृतिक और भाषायी अवदान के लिए समादृत-पुरस्कृत भी किया जायेगा। समिति की कार्यकारिणी की बैठक में इस सम्बन्ध में लिये गये निर्णयों की जानकारी साझा करते हुए संस्थाध्यक्ष श्याम महर्षि ने बताया कि राजस्थली देश की एक मात्र राजस्थानी भाषा माध्यम की पत्रिका है, जो स्वर्ण जयंती मनाएगी। संस्था के उपाध्यक्ष डॉ. मदन सैनी ने बताया कि स्वर्ण जयंती वर्ष में वर्ष भर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे और राजस्थानी के प्रचार-प्रसार व भाषायी मान्यता के लिए पत्रिका के विशेषांक प्रकाशन के साथ कई नवाचार भी प्रस्तावित है।
इसी श्रृंखला में गत वर्ष प्रारम्भ किये गये नये सम्मान श्री सूर्य प्रकाश बिस्सा स्मृति राजस्थानी महिला लेखन सम्मान और कला-डूंगर कल्याणी स्मृति राजस्थानी बाल साहित्य सम्मान के लिए साहित्यिक विधाओं की मौलिक और अप्रकाशित पांडुलिपियां आमंत्रित की गई है। सम्मान समिति के संयोजक रवि पुरोहित ने बताया कि इस सम्मान हेतु केवल मौलिक और अप्रकाशित साहित्यिक पांडुलिपियां ही विचारार्थ भेजी जा सकती है। महिला लेखन सम्मान हेतु 96 से 128 पृष्ठ तक की और बाल साहित्य सम्मान हेतु 64 से 72 पृष्ठ तक की साहित्य की किसी भी विधा में पांडुलिपि विचारार्थ भिजवाई जा सकती है। पांडुलिपियां स्पष्ट टंकित रूप में होनी चाहिए और इसकी एक प्रति मय ई मेल साफ्ट प्रति 20 अक्टूबर, 2025 तक सचिव, मरूभूमि शोध संस्थान, संस्कृति भवन, एन.एच.11, जयपुर रोड़, श्रीडूंगरगढ (राजस्थान)-331803 के पते पर पहुंच जानी चाहिए।