Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
dp 0101
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 मई 2020। लॉकडाउन में पहले ही मंदी की मार झेल रहें व्यापारियों पर सरकार ने टैक्स का अतिरिक्त भार डाल दिया है। आज राज्य सरकार ने कृषि उपज मंडी अधिनियम की धारा 17A के अन्तर्गत प्रत्येक कृषि उपज पर 1.60% कृषि मन्डी टैक्स के अलावा 2% कृषक कल्याण फीस अलग से लगाने की घोषणा के साथ ही इसका विरोध भी प्रारम्भ हो गया है। व्यापारियों ने बुधवार को मंडी बन्द रखने का फैसला लिया है। व्यापारियों ने लाॅकडाउन के चलते आपात स्थिति में तत्काल अलग से टैक्स लगाने की घोषणा को अनैतिक बताया और इसके खिलाफ कल कृषि उपज मंडी में व्यापार पूर्णतया बन्द रखने का निर्णय लिया गया है। व्यापार संघ श्रीडुँगररगढ़ ने राज्य सरकार के इस संवेदनहीन निर्णय के खिलाफ अपना गहरा रोष प्रकट किया। संघ ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से यह पूरजोर मांग की है कि संकट की इस घड़ी में व्यापारीयों को राहत देने की जरूरत न की सरकार मनमर्जी से टैक्स लगाकर व्यापारियों को प्रताड़ित कर मंडी व्यापार समाप्त करने के कार्य नहीं करें। संघ अध्यक्ष श्यामसुंदर पारीक ने कहा कि इस टैक्स से मंडियों का अस्तित्व ओर खतरा खड़ा हो जाएगा। पारीक ने इस निर्णय का विरोध करते हुए  कहा कि अगर राज्य सरकार ने इस निर्णय को तुरंत प्रभाव से वापिस नहीं लिया तो कृषि उपज मंडियों को अनिश्चित काल के लिए बन्द कर दिया जाएगा।