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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 अगस्त 2022। गत एक सप्ताह में चुनावी धूमधाम आज परिणामों के बाद जश्न के रूप में समाप्त हो गई। राजकीय महाविद्यालय श्रीडूंगरगढ़ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की एक तरफा जीत हुई है। युवा पीढ़ी ने सत्ता की ताकत या जातीय समीकरणों से ऊपर उठकर वोट दिया है और लोकतंत्र की विजय है। छात्र संगठन एबीवीपी को चुनाव में सबसे बड़ा फायदा कॉलेज स्थापना आंदोलन 2015 से के बाद से ही लगातार सक्रियता का मिला। चुनावी साल में भले ही अभाविप का ज्यादा माहौल नही दिखा लेकिन उस चुनाव की तैयारी कॉलेज शुरू होने के पहले साल से ही अभाविप द्वारा की जा रही थी। यह चुनाव एनएसयूआई से जुड़े युवाओं के लिए भी सबक रहा और अपनी पार्टी के छात्र संगठन को नही संभालने का खामियाजा कांग्रेस की छवि को उठाना पड़ा है। चुनाव में एनएसयूआई की वोटों की गणित नाकाम रही और यहां शिकस्त का कारण भीतरी घात को माना जा रहा है। इसी प्रकार एसएफआई के लिए अथक प्रयास विधायक गिरधारीलाल महिया ने भी किए और सरपंचों को दौड़ाया भी। हालांकि यहां विधायक महिया प्रत्यक्ष कही सामने नही आये लेकिन उनके नजदीकी सरपंचों की दौड़भाग, उनके निजी सचिव द्वारा चुनाव कमान संभालने आदि से उनके प्रयास साफ नजर आए। परंतु वामपंथी संगठनों की रणनीति भी यहाँ काम नहीं आई।

टाइम्स का रहा सटीक पूर्वानुमान, राजनैतिक विश्लेषक हुए सहमत।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ राजकीय महाविद्यालय के छात्र संघ चुनावों में इस बार तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों की अपने अपने छात्र संगठन के माध्यम से प्रतिष्ठा दांव पर थी और चुनाव में जम कर गाड़ी घोड़े दौड़ाए गए। माहौल में पूरी तनातनी थी और तीनों ही संगठन अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे थे। लेकिन श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स ने चुनाव में मतदान के बाद स्पष्ट विश्लेषण प्रकाशित किया था जिसमें साइलेंट वोटर का खौफ बड़ी पार्टियों और सत्तासीन दलों से जुड़े संगठनों को होने की बता कही थी। यह सही ही साबित हवा है और भीड़ कम होने के बाद भी अभाविप इन्ही साइलेंट वोटरों के शहर जीत पाई हैं। इसी प्रकार टाइम्स परिणाम एकतरफा होने की खबर भी पूर्वानुमान के रूप में प्रकाशित किया था। और परिणाम यही रहे है, अभाविप की जीत चारो पदो पर एकतरफा हुई है। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के चुनाव परिणाम पूर्वानुमान सही सहित होने के बाद क्षेत्र के चुनावी विश्लेषक भी टाइम्स से सहमत नजर आए हैं।

ताकत व जातीय प्रभाव को युवा पीढ़ी ने नकारा।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सत्ता की ताकत व जातीय समीकरणों को नकारते हुए युवा पीढ़ी ने मतदान किया है। जातीय फैक्टर के नाम पर वोट मांगे गए। ताकत के साथ संसाधन भी दौड़ाए गए परंतु ऐसा प्रतीत हुआ कि युवा पीढी ने जैसे लोकतंत्र की मूल भावना को जिताया और ताकत, जाति के फैक्टर को नकार दिया।

महिला वोट की ताकत, भाजपा प्रसन्न।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस चुनाव में महिला वोट भी अधिक थे और महिला वोट पोल भी अधिक हुए। जतना शर्मा ने अपने प्रचार में इस पर चर्चा करते हुए महिलाओं की सुरक्षा के लिए महाविद्यालय में कार्य करने की बात कही। संभवतः महिला वोटर इससे रीझ गयी और उन्होंने वोट देकर जतना पर विश्वास जताया है। गांवो के वोटर अधिक होने पर एबीवीपी की जीत के लिए संशय होता है परंतु ग्रामीण वोट भी इस चुनाव में एबीवीपी को मिले है। इस चुनाव से भाजपा में खुशी की लहर दौड़ गयी है और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है। भाजपा के दिग्गज प्रसन्न् है कि कांग्रेस की गुरुवार रात हुई बैठक बेअसर रही और उनकी अंतर्कलह भी सामने आई है। भाजपा के दिग्गजों ने कार्यालय बना कर चुनाव की कमान संभाली और वे एक एक वोट से संपर्क कर लिए जाने का दावा भी पहले ही कर रहें थे।

अवैध मतों ने बिगाड़ा खेल।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। छात्र संघ चुनावों में अवैध मतों ने खेल बिगाड़ने में पूरा सहयोग दिया है। आज चुनाव में 151 मत अवैध हुए जिससे कई समीकरण बिगड़ गए। ये अवैध मत नहीं होते तो टक्कर कांटे की होती और जीत का अंतर भी घटता।