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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 जून 2021। श्रीडूंगरगढ़ के गांव धीरदेसर चोटियान में करीब 500 कृषि कुओं पर मूंगफली, बाजरा की बिजाई और अपनी मेहनत की फसल को बचाने के लिए आज पानी किसानों की आंखों में है। यहां स्थित 33 के.वी. जीएसएस से उन्हें बिजली 6 घण्टो की बजाय 2 से 2.30 घण्टे मिल रही है क्योंकि जीएसएस के दो ट्रांसफार्मर में से पावर ट्रांसफार्मर शनिवार सुबह 5.30 बजे जल गया। भूमिपुत्रों के दर्द से बिजली विभाग का कोई सरोकार नहीं परन्तु उनकी संवेदनहीनता यहां तक है कि इस मौसम में विभाग के पास कोई बैकअप प्लान तो दूर, जीएसएस के कर्मचारी व सरपंच ने बताया कि कई बार सूचना देने के बावजूद ट्रांसफार्मर में तेल नहीं डाला गया और उसे जल जाने दिया गया। विभाग की बेपरवाही इतनी की ये किसान की फसलों को बरबाद करने से भी बाज नहीं आते। ग्रामीणों का आरोप है कि जब तेल की कमी से ट्रांसफार्मर के जलने के बाद विभाग ने उसमें तेल लाकर भरा। जिससे जांच अधिकारी के सामने विभागीय लापरवाही नहीं आए। सरपंच रामचन्द्र चोटिया शनिवार सुबह से लगातार चारों तरफ फोन घुमा कर इसे शीघ्र ठीक करवाने का प्रयास कर रहें है। चोटिया ने बताया कि कर्मचारियों की लापरवाही का भुगतान किसान कर रहें है। उन्होंने कहा कि प्रति कृषि कुएं पर 10 से 12 हजार का रोजाना नुकसान हो रहा है। यहां किसानों ने खेतों में मूंगफली, बाजरा, मोठ, ग्वार की बिजाई की हुई है और वे पूरी बिजली देने की मांग कर रहें है। किसान भंवरलाल चोटिया, सांवरमल सहू, मघाराम चोटिया, सेवाराम चोटिया, मूनिराम चोटिया, भागिरथ चोटिया, जगदीश भुवाल ने बताया कि सिंचाई की सख्त आवश्यकता है और ये विभागीय लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। किसानों के लिए ये आंधी गर्मी बैरन बनी गयी है वहीं बिजली आपूर्ति नहीं होना कोढ़ में खाज का काम कर रही है। किसानों ने कहा कि अब एक ट्रांसफार्मर चल रहा है जिस पर ओवरलोड है जिससे न गांव में और ना ही कृषि कुओं पर पूरी आपूर्ति हो रही है। किसानों ने कहा कि हमें तुरंत बिजली पूरी आपूर्ति होनी चाहिए। 2 दिन से किसान हैरान परेशान है और विभाग की ओर से शीघ्र राहत की उम्मीद इन्हें नजर नहीं आ रही है। ऐसे में क्षेत्र के शासन व प्रशासन को संज्ञान लेकर किसानों को बिजली आपूर्ति करवाने व उनके नुकसान को कम करने के लिए कदम उठाया जाना चाहिए जिससे किसानों को राहत मिल सकें।