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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 अक्टूबर 2020।🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓

* शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
* वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
* नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
* योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
* करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

🌻गुरुवार,15 अक्टूबर 2020🌻

सूर्योदय: 🌄 06:41
सूर्यास्त: 🌅 18:03
चन्द्रोदय: 🌝 05:48(16 अक्टूबर)
चन्द्रास्त: 🌜17:27
अयन 🌕 दक्षिणायने (दक्षिणगोलीय)
ऋतु: ❄️ शरद
शक सम्वत: 👉 1942
विक्रम सम्वत: 👉 2077
मास 👉 आश्विन (अधिक)
पक्ष 👉 कृष्ण
तिथि👉 त्रयोदशी 08:33 तक
नक्षत्र 👉 उत्तराफाल्गुनी 17:58 तक
योग 👉 ब्रह्म 10:21 तक
करण 👉 वणिज 08:33 तक
विष्टि 18:45 तक
अभिजित मुहूर्त 👉 11:59-12:45
राहुकाल 👉 13:48-15:13
दिशाशूल 👉 दक्षिण
सूर्य 🌟 कन्या
चंद्र 🌟 कन्या
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☄चौघड़िया विचार☄
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॥ दिन का चौघड़िया ॥
१ – शुभ =06:41-08:03
२ – रोग =08:03-09:32
३ – उद्वेग =09:32-10:57
४ – चर =10:57-12:22
५ – लाभ =12:22-01:48
६ – अमृत =01:48-03:13
७ – काल =03:13-04:38
८ – शुभ =04:38-06:03

॥रात्रि का चौघड़िया॥
१ – अमृत =06:03-07:38
२ – चर =07:38-09:13
३ – रोग =09:13-10:48
४ – काल =10:48-12:23
५ – लाभ =12:23-01:57
६ – उद्वेग =01:57-03:32
७ – शुभ =03:32-05:07
८ – अमृत =05:07-06:42

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शुभ यात्रा दिशा
🚌🚈🚗⛵🛫
दक्षिण-पूर्व (दही का सेवन कर यात्रा करें)
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तिथि विशेष
🗓📆🗓📆
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भद्रावास पाताल लोक में 08:33 से 18:45 तक, मासिक शिवरात्रि आदि।
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उदय लग्न मुहूर्त

कन्या 04:13 से 06:31
तुला 06:31 से 08:52
वृश्चिक 08:52 से 11:11
धनु 11:11 से 13:15
मकर 13:15 से 14:56
कुम्भ 14:56 से 16:22
मीन 16:22 से 17:46
मेष 17:46 से 19:19
वृषभ 19:19 से 21:14
मिथुन 21:14 से 23:29
कर्क 23:29 से 01:51
सिंह 01:5क से 04:09
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• गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
• गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
• गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें। इस उपाय को करने से कार्यो में अड़चने दूर होती है, भाग्य चमकने लगता है ।
(पंडित विष्णुदत्त शास्त्री)

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अधिकमास के पश्चात नान श्राद्ध 17 अक्टूबर 2020 को मनाएं।