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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 मई 2021। ग्रामीण इलाकों में कोरोना काल में डोर टू डोर सर्वे, खाद्यान किट वितरण, मेडिकल किट वितरण, संक्रमित परिवारों की पहचान, कोरोना संक्रमित व्यक्तियों का निधन होने पर अंतिम संस्कार, क्वारंटाइन सेंटरों की व्यवस्था, विभिन्न चेक पोस्ट पर रिकॉर्ड एंट्री सहित बहुत से कार्य ग्राम विकास अधिकारियों के असहयोग आंदोलन के चलते प्रभावित हो रहें है और अब ग्राम विकास अधिकारियों के समर्थन में राजस्थान सरपंच संघ भी उतर गया। संघ ने ग्राम विकास अधिकारी संघ के असहयोग आंदोलन को समर्थन देते हुए बारां जिले के जिलाकलेक्टर राजेंद्र विजय के खिलाफ मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। किशनगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत भंवरगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी शंकेस डे को क्वारेटाइन सेंटर के निरीक्षण के दौरान थप्पड़ मारने का प्रकरण पूरे राजस्थान में तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश के 10, 000 ग्राम विकास अधिकारियों ने रविवार को बारां जिला कलेक्टर को सस्पेंड करने की मांग को लेकर रविवार को ट्विटर अभियान चलाया। जिसमें दो लाख से ज्यादा ट्वीट कर बारां जिला कलेक्टर को निलंबित करने की मांग की गई। सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल ने भी बारां जिला कलेक्टर के द्वारा ग्राम विकास अधिकारी के थप्पड़ मारने की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तीन दिवस में बारां जिला कलेक्टर के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। कठोर कार्यवाही नहीं करने पर सरपंच संघ ने भी असहयोग आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है। ऐसे में गांवो की व्यवस्था कौन कैसे करेगा ये समस्या भी खड़ी हो जाएगी। ग्राम विकास अधिकारी संघ के उपशाखा श्रीडूंगरगढ़ के अध्यक्ष मोहन नाथ ज्याणी ने कहा कि प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारी कोरोना महामारी के समय रात दिन समर्पित होकर समाज की सेवा में जुटे हुए हैं और ऐसे में फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स के थप्पड़ मारने से ग्राम विकास अधिकारियों का मनोबल गिरा है।
उपशाखा मंत्री सीताराम जाखड़ ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारियों को मजबूरन असहयोग आंदोलन करना पड़ रहा है। जिसके कारण इस कोरोना महामारी में समस्त कार्य प्रभावित हो रहे हैं लेकिन स्वाभिमान एवं आत्मसम्मान की सुरक्षा के लिए कलेक्टर के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करना हमारी मजबूरी बन गई है।