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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 फरवरी 2026। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के सैंकड़ों किसानों की वर्ष 2008 में ही सरकार ने जमीनें ले ली एवं आज तक मुआवजा दिए बिना ही राजस्व रिकार्ड में किसानों की जमीनें कम कर दी। अब सरकार द्वारा अपने खाते में चढाई गई जमीन पर किसानों का कब्जा हटवाया गया है, तो किसानों ने जागरूकता दिखाते हुए संघर्ष समिति का गठन किया है एवं अपने हक का मुआवजा देने की मांग की है। यह मसला है, क्षेत्र में गांव सोनियासर शिवदानसिंह से राजपुरा तक निकलने वाली एमडीआर सड़क का है। यहां पहले किसानों के खेतों में से ही निकलने वाला गैर मुमकिन रास्ता 18 फीट चौड़ा था एवं इस रास्ते को किसान के खेत की भूमि में ही नापा जाता था। वर्ष 2008 में इस रास्ते को गैर मुमकिन सड़क करते हुए 50 फीट की चौड़ाई मान ली गई एवं हर किसान के खाते में सड़क से लगती 22 फीट भूमि कर दी गई है। किसानों के खेतों का फ्रंट देखें तो गांव सोनियासर शिवदानसिंह से राजपुरा तक सैंकड़ों किसानों की आधा बीघा से पांच बीघा तक जमीन राजस्व रिकार्ड में कम हो गई। हालांकि अभी तक सरकार द्वारा इस चौड़ाई का कब्जा नहीं लिया हुआ था। अब एमडीआर सड़क के निर्माण के दौरान विगत 10 दिनों में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा इन सभी किसानों के खेतों में चौड़ाई नाप कर अपने पीलर लगा दिए गए है व मौका का कब्जा ले लिया गया है। किसान भी सड़क बनने से खुश है एवं अपने खेतों की बाड़ विभाग द्वारा लगाए गए पीलरों से पीछे कर रहे है। परंतु अब किसानों को अपनी भूमि कम होने का मुआवजा आज तक नहीं मिलने का मलाल हो रहा है। इस संबध में क्षेत्र के नेता श्रीराम भादू के संयोजन में सोनियासर शिवदानसिंह से राजपुरा एमडीआर सड़क सर्घष समिति का गठन बुधवार को किया गया। गांव सूडसर के सार्वजनिक पुस्तकालय में उपसरपचं दुर्गाराम भादू की अध्ययक्षता में इस भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों की बैठक आयोजित की गई एवं बैठक में संघर्ष समिति का गठन करते हुए प्रत्येक गांव से लोगों को जोड़ने एवं किसानों को मुआवजा दिलवाने के लिए आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।
बढ़ रही सड़क की चौड़ाई, प्रत्येक किसान को दो से दस लाख तक का मिल सकता है मुआवजा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसानों के खातेदारी खेतों में से गैर मुमकिन रास्ते को गैर मुमकिन सड़क के रूप में सरकार द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया है। यहां पहले सड़क 10 फीट चौड़ी एवं दोनो और दो-दो फीट बरम के रूप में थी व रास्ते की चौड़ाई करीब 18 फीट थी। अब यहां 24 फीट चौड़ सड़क एवं दोंनो और 6-6 फीट चौड़े बरम बनाए जा रहें है, रास्ते की कुल चौड़ाई 50 फीट कर ली गई है। कांग्रेस के सूडसर ब्लॉक अध्यक्ष श्रीराम भादू ने बताया कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा दिए जाने के समय की डीएलसी दरों का दुगुना मुआवजा किसानों को देय होता है। इन दिनों क्षेत्र के इन गांवों के आस पास की कृषि भूमि की डीएलसी दो लाख आठ हजार रुपए है एवं प्रत्येक किसान के खाते में आधा बीघा से पांच बीघा तक भूमि कम हुई है। इस हिसाब से प्रत्येक किसान को दो लाख से दस लाख रुपए तक का मुआवजा मिल सकता है। किसानों को उनके हक कर यह मुआवजा दिलवाने के लिए उच्च स्तर पर आवाज उठाई जाएगी एवं जल्द ही संभागीय आयुक्त से मुलाकात कर इस विषय को गंभीरता से उठाया जाएगा।