Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
WhatsApp Image 2026-02-25 at 20.38.52
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 फरवरी 2026। ऊपनी में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल के मुख्य गेट के भीतर एक मासूम चार साल के मासूम पर हमला कर कुत्तों द्वारा गंभीर रूप से घायल कर देने के मामले में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्कूल को घेर लिया। कई घंटो की वार्ता के बाद दोनों पक्षों में व्यवस्था सुधार पर विचार करते हुए सहमति बनी। सरपंच प्रतिनिधि रामेश्वरलाल गोदारा ने बताया कि वार्ता में स्कूल प्रबंधन ने घटना पर खेद प्रकट किया और स्कूल का मुख्य गेट बंद रखने, एक गार्ड वहां स्थाई लगाने की बात कही, जिसपर वार्ता में सहमति बन गई। वहीं बैठक में मासूम बालक के परिजन रेवंतनाथ सिद्ध, रत्तिराम गोदारा, लक्ष्मण गोदारा, श्रवणराम गोदारा, पद्माराम, मांगीलाल सहित बड़ी संख्या में मौजिज लोग शामिल हुए। लंबी वार्ता के बाद स्कूल प्रशासन ने घटना को दर्दनाक बताते हुए, मुख्य गेट बंद रखने, व गेट पर गार्ड लगाने की बात पर सहमति बनी। वहीं इस मामले में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरोज पूनियां वीर ने टाइम्स को बताया कि घटना बेहद दु:खद है। हम बच्चे के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करते है। वहीं स्कूल प्रबंधन को दो दो स्टाफ की ड्यूटी गेट पर लगाने और मुख्य दरवाजा बंद रखने के निर्देश दे दिए गए है। पूनियां ने बताया कि ग्रामीणों ने स्कूल के सामने पशुओं के लिए रोटी व चारा नहीं डालने, यहां से बेसहारा पशुओं को हटाने पर सहमति जताई है। जिससे यहां पशुओं का जमावड़ा नहीं रहेगा तो कुत्तों की भीड़ भी नहीं होगी। स्कूल के प्रधानाचार्य सुभाष मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीणों से वार्ता में सरपंच द्वारा विद्यालय के मुख्य दरवाजे के सामने से आवारा कुत्तों एवं पशुओं को हटाने, यहां डाला गया चारा हटाने व ग्रामीणों की एक कमेटी गठित कर आवारा कुत्तों को पकड़वाने, बेसहारा गौवंश को गौशाला में डलवाने के निर्णय लिए गए। वहीं विद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ली गई है, तथा विद्यालय के बाहर की जिम्मेदारी गांव की होगी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ऊपनी के स्कूल में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए, घटना पर विरोध जताया, व्यवस्था पर हुई चर्चा, तय की गई जिम्मेदारी।