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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 अगस्त 2024। विवाह के समय से कम दहेज के ताने व मारपीट सहन करते हुए 6 बच्चों के साथ दो बहनों ने 16 साल विवाह को निभाने के प्रयास किए। परंतु तंग परेशान होकर अब थाने पहुंची और पुलिस से न्याय दिलवाने की मांग करते हुए दहेज लोभियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। परिवादिया 35 वर्षीय संतोष बिग्गा निवासी अपने पिता रामेश्वरलाल जाट के साथ थाने पहुंची और पुलिस को बताया कि उसका व उसकी बहन सुमित्रा का विवाह रामामंडी बास, कालू निवासी पवन व दामोदर पुत्र मोहनलाल सारण के साथ 2008 में हुआ। दहेज में दो लाख नगदी व दो मोटरसाइकिल की बात पर पति पवन, देवर दामोदर, सास पेमादेवी, ननद शारदा, ननदोई अशोक व अजय गोदारा निवासी धीरेरां ने उन्हें ताने दिए। तभी से आरोपी मारपीट करते हुए उन्हें प्रताड़ित करते रहें। परिवादिया ने चार पुत्रियों तथा उसकी बहन ने एक पुत्र व एक पुत्री को जन्म दिया। पांच साल पहले चौथी कन्या के जन्म के करीब एक माह बाद ही आरोपियों ने उसे पुत्र पैदा नहीं करने की बात कहते हुए मारपीट की और घर से निकाल दिया। उसी दिन उसकी बहन से भी मारपीट कर उसे निकाल दिया। दो वर्ष पूर्व पंच पंचायती के बाद आरोपियों ने उन्हें दहेज के लिए परेशान नहीं करने की बात कही और पुन: ससुराल ले गए। परंतु आरोपी बाज नहीं आए व दोनों बहनों को परेशान करते रहें। 2 जुलाई 2024 को आरोपियों ने परिवादिया की बहन सुमित्रा के साथ मारपीट की। 5 जुलाई को फिर उसे पीटते हुए अधमरी कर घर से निकाल दिया। 6 जुलाई को उसके पिता, बाबा रामरख, भाई सहीराम काका के यहां विवाह का कार्ड देने ससुराल आए। जब उन्हें सुमित्रा के साथ मारपीट के बारे में पता चला तो उन्होंने ओलमा दिया। आरोपी आवेश में आ गए व उनके सामने ही सुमित्रा को खूब पीटा। उसके पहने हुए गहने छीन लिए और घर बसाने से मना करते हुए धक्के देकर घर से निकाल दिया। सुमित्रा के बेहोश हो जाने पर परिजनों ने श्रीडूंगरगढ़ लाकर उसका ईलाज करवाया। रात करीब 11-12 बजे उसका भाई उसे लेने कालू पहुंचा तो वह बच्चियों के साथ जान बचाकर भागी। आरोपियों ने गाड़ियों से रास्ता रोकने का प्रयास किया व पीछा किया, परंतु वह बिग्गा पहुंच गए। पीछे से आरोपियों ने उसकी गाय, भैंस सहित अनाज व सामान खुर्द बुर्द कर दिया। अब भी आरोपी घर बसाने को तैयार नहीं है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एसआई इंद्रलाल को दे दी है।