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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 जनवरी 2026। हत्या के एक 15 साल पुराने मामले में श्रीडूंगरगढ़ कोर्ट ने दो युवकों को बुधवार को संदेह का लाभ देकर आरोपों से बरी कर दिया है।
कोर्ट में एडवोकेट केके पुरोहित व एडवोकेट रामलाल नायक ने मामले की पैरवी की, बुधवार को अपर जिला एंव सेशन न्यायाधीश सरिता नौशाद ने मामले में फैसला सुनाया और संदेह का लाभ देते हुए आरोपी युवक सिकंदर व करन पांडे को बरी कर दिया गया है।
मामेल में बीकानेर निवासी आरोपी 21 वर्षीय सिकंदर उर्फ सिक्कू पुत्र असगर व 22 वर्षीय करण पांडे पुत्र किशोर कुमार पांंडे को पुलिस ने दौराने अनुसंधान गिरफ्तार किया। सिकंदर की पैरवी एडवोकेट केके पुरोहित व करन पांडे की पैरवी एडवोकेट रामलाल नायक ने की। पुरोहित ने बताया कि हत्या के आरोप में 15 साल लंबा ट्रायल चला और करीब 125 से भी अधिक पेशीयां पड़ी। अभियोजन अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा और कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर दोनों आरोपियों को बरी कर दिया गया है।

ये था पूरा मामला।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। करीब 15 साल पहले 30 मार्च 2011 की शाम 5.30 बजे हाइवे पर बेनीसर के निकट जयपुर निवासी महराजुद्दीन घायलावस्था में मिला। जिसे पीछे की ओर से सिर में गोली मारी गई थी। महराजुद्दीन के सिर में गोली फंस गई और दौरान घायल की जयपुर एसएमएस में मृत्यु हो गई। मामले में मृतक के भांजे मोहम्मद नवाब पुत्र चुन्ना कुरेशी निवासी जयपुर ने पर्चा बयान देते हुए अज्ञात के विरूद्ध मामला दर्ज करवाया। परिवादी ने पुलिस को बताया कि महराजुद्दीन गाड़ी चालक था और रहीम खान की आईडी दिखाकर उसे कोई किराए से बीकानेर लेकर आ रहा था। रास्ते में हाइवे पर उसे गोली मारकर उसकी गाड़ी जायलो लेकर आरोपी फरार हो गए। मामले में लंबे अनुसंधान के बाद अभियोजन अपना पक्ष साबित नहीं कर पाया और दोनों युवकों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया है।