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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ टाइम्स 23 दिसंबर 2022। आप धर्म की रक्षा करें धर्म आपकी रक्षा करेगा। व्यक्ति को सदैव अपने धर्म का पालन करना चाहिए जिससे उसके कर्तव्य पालन से लेकर ईश्वर पूजन तक सभी कार्य स्वयं निष्ठा पूर्वक पूरे हो जाएंगे। ये प्रेरणा आचार्य कौशिक जी ने माहेश्वरी भवन में आयोजित दो दिवसीय वशिष्ठ संहिता के प्रथम दिन गुरूवार को श्रद्धालुओं को दी। कौशिक जी ने आदि ऋषि वशिष्ट द्वारा रचित वशिष्ट संहिता के पाठ सुनाते हुए मानव जीवन धर्ममय नियमों का उल्लेख किया। कौशिक जी ने कहा कि ब्राह्मण वही है ब्राह्मणत्व के उच्च आयामों का पालन करें। उन्होंने विवाह के आठ प्रकार बताते हुए ब्रह्म विवाह को श्रेष्ठ विवाह बताते हुए कहा कि ये श्रेष्ठ विवाह पद्धति है जिससे मानव जीवन उच्चता की ओर गतिमान होता है। उन्होंने नक्षत्र विज्ञान पर प्रकाश डाला। व्यास पूजन और व आरती श्रद्धालु रामरतन पांडिया ने सपरिवार की। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे व धर्ममय जीवन व्यतीत करने के नियम जाने। गुरूवार को सुंदर झाकियां सजाई गई। ध्यान रहें आज कथा 11 बजे प्रारंभ होगी तथा संत का व्याख्यान सुनने का अंतिम दिवस है। आयोजक परिवार ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से वशिष्ट संहिता सुनने व जानने का आग्रह करते हुए कथा में भाग लेने की बात कही है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वशिष्ट संहिता को सुनने व जानने गुरूवार को बडी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
श्रीडूंगरगढ टाइम्स। कथा के दौरान झांकिया सजाई गई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आचार्य कौशिक ने बताई जीवन जीने के नियम।