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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 दिसम्बर 2021। पंचाग के अनुसार मार्गशीर्ष माह की अमावस्या 4 दिसंबर के दिन पड़ रही है। शनिवार को पडऩे वाली अमावस्या का विशेष महत्व है। इसे शनैश्चरी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में शनैश्चरी अमावस्या का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किए जाने वाले दान-स्नान और पूजा-पाठ आदि का पुण्य जीवनभर प्राप्त होता है। इतना ही नहीं, कहते हैं कि इस दिन कुछ उपाय कर लिए जाएं तो जीवन के दुखों और संकटों को दूर किया जा सकता है। इस दिन पीपल के पेड़ से जुड़े कुछ उपाय करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। पीपल के वृक्ष की परिक्रमा शनैश्चरी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा और उपाय करना विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन पीपल पूजन करने से सौभाग्य बढ़ता है और पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं। मान्यता है कि पीपल के पेड़ में कई देवी-देवता और पितरों का वास होता है और अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। अपने पुण्यों को बढ़ाने के लिए पीपल वृक्ष की पूजा के साथ उसकी परिक्रमा करना शुभ माना जाता है। पीपल को करें जल अर्पित गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं बताया है कि सभी वृक्षों में पीपल का वृक्ष हूं मैं। श्रीकृष्ण ने खुद को पीपल के वृक्ष के समान ही बताया है। पीपल के पेड़ का विधिवत तरीके से पूजन किया जाता है। धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि शनि अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ को प्रणाम करके उसकी परिक्रमा करने से मानव की आयु लंबी होती है। साथ ही जो व्यक्ति पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करता है उसके पापों का नाश होता है और स्वर्ग की प्राप्ति होती है। पीपल का पौधा लगाएं शनिदेव की पीड़ा को शांत करने के लिए शनिवार के दिन पीपल का पौधा लगाने का विधान है। धार्मिक दृष्टि से इस दिन पीपल का पौधा लगाने से शनि ग्रह के प्रभावों से शांति मिलती है। ग्रंथों में कहा गया है कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक पीपल का पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। जो लोग जीवन में पीपल का एक भी पौधा लगा देते हैं, उन्हें जीवनभर कोई भी संकट नहीं रहता। मान्यता है कि इस पीपल के पौधे में रविवार का दिन छोड़कर नियमित रूप से जल भी अर्पित करना चाहिए। पौधा बढऩे के साथ ही आपकी सुख-समृद्धि में भी विकास होगा। हनुमान चालीसा का पाठ करें मान्यता है कि शनैश्चरी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत लाभकारी होता है। ऐसा करने से आर्थिक, शारीरिक और मानसिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है। दीपदान करें मान्यता है कि कुंडली में शनिदोष होने के कारण अगर आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो इस दिन स्नानादि के बाद सूर्योदय से पहले ही पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद शनिदेव से अपने कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना करें। फल जरूर मिलेगा।

पंडित विष्णुदत्त शास्त्री के अनुसार *ग्रहण संबंधी शंका का निवारण* मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष तिथि अमावस्या शनिवार दिनांक 4 दिसंबर 2021 को सूर्य ग्रहण भारतवर्ष में दिखाई नहीं देगा । यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्टिका ,ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण पूर्वी क्षेत्र ,साउथ अफ्रीका के दक्षिण भाग में ही दिखाई देगा । इस ग्रहण का धार्मिक दृष्टि से भारत में कोई महत्व नहीं है , इसमें किसी भी प्रकार का यम -नियम सूतक आदि मान्य नहीं होगा, सभी सज्जनों ,मित्रों और यजमानों से निवेदन है कि सोशल मीडिया के द्वारा भ्रमित नहीं हो।