Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
0b86eb24-505c-47cb-b4ff-c03c43d67f94
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 जुलाई 2020। शहरों के बड़े स्कूल जहां लाखों रुपया फीस के आते है वे इस कोरोना संकटकाल से संभवत उबर जाएंगे लेकिन गांवो के निजी शिक्षण संस्थान भारी मंदी के दौर से गुजर रहे है। ये स्कूल प्रति वर्ष आने वाली फीस से ही अपने सभी प्रकार के कार्य संचालित करते है आज अधिकाशं स्कूलों के हालात बंद होने की कगार पर पहुंच गए है। ऐसे में सैंकड़ो लोगों के रोजगार पर भी खतरा मंडरा रहा है। आज स्वयंसेवी शिक्षण संस्थान संघ के बैनर तले कस्बे के निजी स्कूलों के संचालकों ने राज्य सरकार से इस संकटकाल मे अपने हक के लिए गुहार लगाई है और संघ के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया। कोरोना महामारी के चलते बंद पड़ी स्कूलों पर ही सर्वाधिक असर हो रहा है और सरकार के निर्देशों के बाद नए सत्र की फीस भी इन विद्यालयों द्वारा नहीं ली जा रही है। संघ के ब्लॉक शहर अध्यक्ष मनोज गुसांई ने कहा कि विद्यालयों के स्थाई खर्च, ऋण किश्तें व कार्मिक वेतन सहित अन्य खर्च लगातार होने के कारण अब निजी शिक्षण संस्थाओं की कोरोना ने कमर तोड़ दी है। ये स्कूलें अब बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। संस्थान जिलाध्यक्ष कोडाराम भादू ने बताया कि नए सत्र की फीस स्थगन के सरकारी आदेशों की गलत व्याख्या के करने कारण गत सत्रों की फीस भी नहीं आ रही है। भादू ने कहा कि सरकार आदेश निकाल कर गत सत्रों की बकाया फीस अभिभावकों से दिलवाएं व सरकार आरटीई सत्र 19-20 का पूरा भुगतान करें, बालिका फाउण्डेशन और जमा आरक्षित कोष का भुगतान करें, मान्यता नहीं मिलने वाले विद्यालयों को मान्यता आवेदन के समय अतिरिक्त कक्षा शुरू करने के लिए वसूला गया अतिरिक्त शुल्क लौटाया जाएं, भादू ने कहा कि सरकार निरीक्षण नहीं होने वाले विद्यालयों को निरीक्षण शुल्क भी लौटाएं। इसके अलावा ज्ञापन में कोरोना काल में जब तक स्कूलें नहीं खुले तब तक के स्थाई खर्च, कर्मचारी वेतन आर्थिक पैकेज के माध्यम से देने, बाल वाहिनी, भवन व अन्य ऋणों की किश्तों पर ब्याज माफी करवाने की मांग भी की गई है। ज्ञापन देने वालों में ब्लाक शहर अध्यक्ष मनोज गुंसाई, ब्लाक देहात अध्यक्ष ओमप्रकाश भाकर, कुंभाराम घिंटाला, रामसिंह भादू, मनीष शर्मा, फरीयाद अली, पूनम शर्मा, राकेश व्यास, कांतिप्रकाश दर्जी, विवेक उपाध्याय, मदनलाल गोदारा, रामनिवास धायल, मोहनसिंह आदि शिक्षण संस्थाओं के संचालक उपस्थित रहे।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। निजी शिक्षण संस्थान संघ की स्थानीय शाखा ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।