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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 दिसम्बर 2020। गावों के विकास कार्य सहित सभी कार्य ग्राम विकास अधिकारी के जिम्मे है लेकिन उन्हें मूल कामों के बजाय अन्य कामों को पूरा करने के लिए मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के ग्राम विकास अधिकारियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अन्तर्गत वार्षिक सत्यापन का कार्य 31 दिसम्बर तक पूरा करने के आदेश दिए गए है। इस आदेश से क्षेत्र के ग्राम विकास अधिकारी आहत है। ग्राम विकास अधिकारी का ये कार्य करने का नियम नहीं है और उन्होंने पंचायत समिति विकास अधिकारी को ज्ञापन देकर इससे तुरंत छुटकारा देने की बात कही है। बता देवें क्षेत्र में पंचायत समिति विकास अधिकारी का पद रिक्त है और चार्ज उपखंड अधिकारी के हाथों में है। ग्राम विकास अधिकारी संघ ने रोष प्रकट करते हुए बताया कि लोकायुक्त सचिवालय, राजस्थान जयपुर के आदेश क्रमांक 12(73)लोआस/2016 दिनांक 17-07-2017 के अनुसार ग्राम विकास अधिकारी को पेंशन का वार्षिक भौतिक सत्यापन करने का अधिकार ही नहीं है। इस आदेश में ये कार्य पटवारियों व सरपंचो से करवाने से करवाने का निर्णय दिया गया है लेकिन श्रीडूंगरगढ क्षेत्र में यह कार्य करने के तानाशाही आदेश ग्राम विकास अधिकारियों को दिए गए है इससे संघ आहत है और निर्णय को वापस लेने की मांग कर रहा है। ग्राम विकास अधिकारियों ने कहा कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। इसी तरह ग्राम विकास अधिकारियों को अपने मूल कार्य से भटका कर बीएलओ भी बना दिया जाता है जिसका पूरे संघ ने विरोध किया है। संघ ने इस संबंध में व्यक्तिगत रूप से कई बार उपखंड अधिकारी से मिल कर पंचायतों के काम की अधिकता होने के कारण बीएलओ के कार्यभार से मुक्त करने की मांग की है परन्तु ग्राम विकास अधिकारी संघ कहीं सुनवाई नहीं होने से परेशान है व आंदोलन की राह अपनाने का मानस बना रहा है।