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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 दिसम्बर 2021। आज से मलमास माह लग गया है और हिंदू परंपरा मलमास में पूजन, दान पुण्य का विशेष महत्व है। हमारे सनातन धर्म में प्रत्येक कार्य के लिए एक अभीष्ट मुहूर्त निर्धारित होता है। ऐसी ही एक अवधि है खरमास या मलमास। सूर्य ने बुधवार की अर्द्धरात्रि का वृश्चिक राशि में प्रवेश कर लिया है। इसी के साथ ही मलमास या खरमास आरंभ हो गया है। यह 14 जनवरी 2022 की दोपहर तक रहेगा और मांगलिक कार्य पर रोक लग गई है। ज्योतिर्विद पंडित हरिनारायण व्यास मनासा बताते है कि सूर्य के गोचरवश राशि परिवर्तन को संक्रांति कहते हैं। संक्रांति एक मास, ऋतु, अयन, तथा वर्ष में होती है। संक्रांति में समस्त चीजें प्रभावित होती है इसलिए इसका अधिक महत्व है। सूर्य जब वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे धनु संक्रांति कहा जाता है। सूर्य किसी भी राशि में लगभग एक माह रहते हैं। सूर्य के धनु राशि में स्थित होने की अवधि को ही धनु मल मास या धनु संक्रांति कहते हैं।
ये कार्य एक माह तक रहेंगे वर्जित
धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मलमास को शुभ नहीं माना जाता है। इसी कारण इस माह में कोई भी शुभ, मांगलिक कार्य करना वर्जित माना गया है। मुहूर्त चिंतामणी ग्रंथ के अनुसार इस माह में बावड़ी, तालाब, कुआं खोदना या बोरिंग कराना, बगीचा लगाना, ग्रह प्रवेश करना, देव प्रतिमांए स्थापित करना, सगाई विवाह करना निषेध माना गया है। इसी तरह अष्टका श्राद्ध, वेद अध्ययन, गोदान, यज्ञोपवित, मूंडन, नामकरण, नए व्यापार का आरंभ आदि कोई भी कार्य नहीं किए जा सकते है।
मकान, जमीन, वाहन व कपड़े की हो सकती है खरीद।
मनासा बताते कि इस मास में मकान, जमीन या रियल स्टेट से जुड़ी खरीददारी की जा सकती है। नए कपड़े, वाहन आदि की खरीद की जा सकती है।
वृहस्पति का तेज समाप्त हो जाता है इसी कारण मांगलिक कार्य नहीं।
मनासा बताते है कि ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रह बताए गए हैं। इनमें से राहु-केतु को छोड़कर सभी ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करते हैं। सभी ग्रह वक्री ओर मार्गी दोनों चाल चलते हैं लेकिन सूर्य एक ऐसा ग्रह है जो सदैव मार्गी रहता है। वह हर माह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है। इसी तरह जब सूर्य वृहस्पति की राशियों में प्रवेश करने पर खरमास लगता है। इस दौरान सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाते हे। धार्मिक मान्यता है कि खरमास के दौरान सूर्य की चाल धीमी होती है इसलिए इस समय कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।