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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 अक्टूबर 2024। गुरूवार को गांव बिग्गा के निकट एक ट्रक ने जीप को टक्कर मार दी जिससे जीप सवार दो जनों की मौत हो गई व दो गंभीर रूप से घायल हो गए। बिग्गाबास रामसरा निवासी श्रवणराम हीराराम जाखड़ की पुत्रवधू तुलछादेवी पत्नी रामचंद्र जाखड़ की तबीयत खराब होने से परिजन उन्हें चिकित्सीय जांच के लिए अस्पताल लेकर आने के लिए गांव से रवाना हुए। तुलछादेवी के साथ उनका पुत्र मनोज, देवर मामराज जाखड़, श्रवणराम के भाई पुरखाराम का पुत्र रामधन जाखड़ व इसी परिवार का एक अन्य नोपाराम जाखड़ जीप में सवार थे। जीप हाइवे पर नोपाराम को उतारने के लिए रूकी तभी चंद पलों में मौत का मंजर नजर आया। पीछे से आ रहें एक ट्रक ने जीप को टक्कर मार दी और ट्रक ने जीप को 50 मीटर तक घसीटा भी। घटना में मामराज पुत्र श्रवणराम जाखड़ व तुलछादेवी पत्नी रामचंद्र की मौत हो गई। वहीं मनोज व रामधन गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायल बीकानेर पीबीएम के आईसीयू में भर्ती है और दोनों के स्वस्थ होने की प्रार्थनाएं परिजन ही नहीं हर एक क्षेत्रवासी कर रहा है। घटना के बाद सीओ निकेत पारिक व थानाधिकारी इंद्रकुमार भी मौके पर पहुंचे। सरपंच लक्ष्मणराम जाखड़ व जसवीर सारण भी मौके पर पहुंचे। शुक्रवार सुबह शव लेने परिजनों के साथ पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया, उपप्रधान प्रतिनिधि मालचंद नैण, सरपंच लक्ष्मण जाखड़, मुकेश ज्याणी, हरिओम तावणियां सहित गांव के अनेक मौजिज लोग उपजिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए। वहीं एक ही परिवार में दो शव पहुंचने से घर में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया। पूरे अंचल में माहौल गमगीन हो गया।
लगातार हो रही दोहरी मौतें, उजड़ रहें परिवार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र में लगातार सड़क दुर्घटनाओं में दोहरी मौते हो रही है। गत माह 15 सितंबर को सरदारशहर रोड पर एक कार ने साइड में खड़ी बाइक को टक्कर मार दी जिसमें जेतासर निवासी सहीराम पुत्र खींयाराम मेघवाल तथा गोमदराम पुत्र बुधाराम नायक ने अपने प्राण गवां दिए थे। वहीं 17 सितंबर को इसी सड़क पर कांकड़ भैरव मंदिर के पास एक कार की टक्कर से पैदल दर्शन के लिए जा रही राखी पत्नी आनंद सारस्वत व खुशी पुत्री नथमल तावणियां ने अपने प्राण गवां दिए। 14 सितंबर को भी बीकानेर से श्रीडूंगरगढ़ लौट रहे एक स्वर्णकार परिवार के कल्याणदत्त भामा, मनोज सोनी व नन्हें से पार्थ ने अपने प्राण गवां दिया है। पार्थ के पिता की भी मौत हो गई थी। चार जनों की मौत से पूरा क्षेत्र स्तब्ध रह गया। 10 अक्टूबर को हाइवे पर हुए हादसे में मामराज व तुलछादेवी जाखड़ की मौत हो गई है। इन दोहरी मौतों की घटनाओं से अनेक परिवार उजड़ रहें है। इस बीच अनेक दुर्घटनाओं में नागरिकों के प्राण गवांने की घटनाएं लगातार हो रही है। इससे प्रबुद्ध नागरिक बुरी तरह से चितंत है।
फिर उठ रही ट्रोमा की पुकार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ में एक के बाद एक सड़क हादसे और इनमें जान गवां रहें क्षेत्रवासी, इससे हर एक संवेदनशील मन परेशान है और हर हाल में ट्रोमा सेंटर बन जाए ऐसी चर्चा कर रहें है। ट्रोमा के लिए लगातार आवाज उठ रही है और नागरिक चाहते है कि उनकी आवाज सुनी जाए। जिससे दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं मिल सकें जिससे कई जाने बचाई जा सकें। पूर्व विधायक ने ट्रोमा के लिए संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। वहीं युवा नेता डॉ विवेक माचरा ने भी ट्रोमा के अभाव में हो रही मौतों की नैतिक जिम्मेदारी सरकार द्वारा लिए जाने की बात कही। माचरा ने कहा कि लावरवाह सरकारी तंत्र और उदासीन नेताओं के खिलाफ युवा शक्ति को सड़क पर संघर्ष करने की बात कहते हुए सरकार को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।