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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 अगस्त 2024, हम में से ज्यादातर लोग हमेशा जल्दी में खाना खाते हैं। फिर चाहे सुबह ऑफिस जाने की जल्दी हो या फिर ऑफिस में काम खत्म करने की। जॉब में अच्छी पर्फॉर्मेंस के लिए हम कड़ी मेहनत से नहीं भागते, लेकिन सेहत के बारे में सोचने से हमेशा चूक जाते हैं।

जल्दीबाजी में खाना खाने के कई नुकसान होते हैं, तो वहीं अगर आप चबाकर-चबाकर कर खाते हैं, तो इससे आपके शरीर को कई फायदे मिलते हैं। तो आइए आज जानते हैं माइंडफुल इटिंग के बारे में:

धीमे चबाने के क्या फायदे होते हैं?

  • जल्दी-जल्दी में खाना खाने से ब्रेन को पेट भरने का सिग्नल नहीं मिल पाता है, जिससे आप जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं, यानी ओवरइटिंग की समस्या हो सकती है। हमारी भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोन ही हमारे ब्रेन को पेट भरने के सिग्नल भेजता है, जो कि एक धीमी गति की प्रक्रिया है। इसे तेजी से करने से ये सिग्नल प्रभावित होते हैं जिससे मोटापा भी बढ़ता है।
  • खाने को देख कर मुंह में लार बनने की प्रक्रिया एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसकी मदद से खाने को कई टुकड़ों में तोड़ने में मदद मिलती है। इसके बाद पेट में एसिड बनता है, जो इसे पाचन की प्रक्रिया के लिए तैयार करता है। धीमे-धीमे चबा कर खाने से ये प्रक्रिया अच्छी तरह से पूरी होती है। वहीं, जल्दी-जल्दी खाने से इसमें बाधा आती है, जिससे पाचन संबंधी समस्या शुरू हो सकती हैं।
  • धीरे-धीरे चबा कर खाने से खाना छोटे-छोटे टुकड़े में टूटता है। जिससे शरीर को खाने से पोषण निकाल उसे सोखने का पर्याप्त समय मिलता है। जबकि हड़बड़ी में खाना खाने से हम बड़े-बड़े टुकड़े निगल लेते हैं, जिससे खाने का न्यूट्रिशन शरीर को पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है।
  • धीमे चबाने से सीने में जलन और एसिडिटी की समस्या भी नहीं होती है। जल्दी चबा कर खा पी कर भागने से ओवरइटिंग के कारण बेली फैट बढ़ता है, जो हार्ट डिजीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर के मुख्य कारणों में से एक है। इसलिए धीमे चबा कर खाने से इन समस्याओं से भी राहत मिलती है।