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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 अक्टूबर 2025। एकलिंगजी का राज, दीवान राणाओं की उज्जवल कीर्ति और जौहर परंपरा का बखान सुनकर, जानकर व समझकर विद्यार्थी भावों से भर गए। वीरता, शौर्य और राष्ट्रप्रेम की स्मृतियां ह्रदय में अंकित कर गुरूवार सुबह 30 सदस्यीय दल श्रीडूंगरगढ़ लौटा। झंवर बस स्टैंड पर स्थित क्षेत्र के प्रसिद्ध अंग्रेजी माध्यम के एजी मिशन इंटरनेशनल स्कूल का 30 सदस्यीय दल 6 दिन के शैक्षणिक भ्रमण के बाद गुरूवार सुबह लौट आया है। ये दल उदयपुर, चित्तौड़, नाथद्वारा के लिए 11 अक्टूबर को रवाना हुआ। दल में विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ रजनीश कौशिक, उपप्रधानाचार्य सुनीता कौशिक सहित अंजुल सिंह, चंदा चौधरी, स्टाफ सदस्य व विद्यार्थी शामिल रहें। कौशिक ने बताया कि दल ने सांवलिया सेठ, चित्तौड़गढ़, नाथद्वारा में शिव मूर्ति, श्रीनाथजी के दर्शन किए। वहीं दल ने उदयपुर में हल्दीघाटी, फतेहसागर, पिछोला झील, दूध तलाई, सहेलियों की बाड़ी सहित अनेक दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया। कौशिक ने बताया कि राजस्थान का अद्भूत भौगोलिक व वीरोचित्त इतिहास जानकर बच्चे हैरान भी हुए। हल्दीघाटी के दर्शन कर बच्चों ने युद्ध के बारे में जाना तो राष्ट्रप्रेम से भरे दल ने भारत माता के जयकारे लगाए। विद्यार्थियों ने हल्दीघाटी की माटी को माथे से लगाया और कई बच्चे चुटकी भर मिट्टी अपने साथ भी लेकर आए है। दल ने मेवाड़ का रहन सहन देखा व वहां के लोगों से मिलकर उनके बारे में जाना। सुनीता कौशिक ने बताया कि शैक्षणिक भ्रमण में इतिहास व भूगोल की ही नहीं वरन सामाजिक व सांस्कृतिक जानकारियों से भरा रहा। विद्यार्थियों ने पहली बार जाना कि मेवाड़ में राजा एकलिंग जी (भगवान शिव) को माना जाता है और वहां के राणा अपने को उनका दीवान व प्रजापालक मानते थे। अनेक बच्चों ने डायरी पेन लेकर विभिन्न स्थानों के नाम, राणाओं के नाम, चितौड़ में हुए तीन साके व जौहर की घटनाओं, गौरवगान करने वाले लेखकों के नाम, उनके संघर्ष के बारे में नोट भी करके लाए। स्कूल पहुंचने पर स्कूल स्टाफ व बच्चों के अभिभावकों ने दल का स्वागत किया। विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों ने सफल व सुरक्षित यात्रा के लिए स्कूल प्रबंधन का आभार जताया।