Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
00100
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 फरवरी 2023। राजनीतिक पदों पर आसीन लोगों द्वारा अपने पद का दुरूपयोग कर सार्वजनिक भूमि को खुर्द बुर्द करने के आरोप तो आए दिन राजनेताओं पर लगते देखे जाते है। परंतु क्षेत्र के गांव सातलेरा में सरपंच द्वारा जन सेवार्थ राजनीति की मिसाल पेश की गई है। सरपंच ने सार्वजनिक हित में आयुर्वेदिक औषधालय बनवाने के लिए अपनी निजी सम्पति में से लाखों का भुखण्ड दान किया है। आयुर्वेद विभाग के डाक्टर जे.पी.चौधरी ने बताया कि विधायक गिरधारीलाल महिया की अनुशंषा पर गांव सातलेरां एवं देराजसर में नवीन आयुर्वेद औषधालय स्वीकृत किए गए थे। दोनो स्थानों पर अस्थाई रूप से औषधालय संचालन शुरू भी हो गया था। गांव देराजसर में तो ग्राम पंचायत द्वारा भवन निर्माण करवाने के लिए भूमि प्रदान भी कर दी गई लेकिन गांव सातलेरां में औषधालय निर्माण हेतू भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। ऐसे में सरपंच रामप्यारी देवी व उनके प्रतिनिधि भीखराज जाखड़ ने गांव के हित में पहल करते हुए अपना 9100 वर्ग फुट का आवासीय भूखण्ड आयुर्वेद औषधायलय के लिए दान कर दिया है। अपने पिता लाधूराम जाखड़ की स्मृति में भीखराज जाखड़ द्वारा गांव के विद्यालय के पास स्थित भूखण्ड को दान करने के बाद पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक हित में इस त्याग को सराहा जा रहा है। आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डाक्टर घनश्याम रामावत ने बुधवार को दानपत्र पंजीयन करवाने पर भीखराज का आभार एवं अभिनंदन किया। इस दौरान सातलेरां औषधालय प्रभारी डाक्टर रोशनी गोस्वामी भी मौजूद रही एवं दानदाता का आभार जताया। भीखराज जाखड़ ने बताया कि गांव हमारा परिवार है और अपने परिवार के सदस्यों समाज ग्रामीणों के लिए हमने ये फैसला लिया व भूमि दान दी। जाखड़ ने कहा कि अब शीघ्र भवन निर्माण करवाने के प्रयास किए जाएगें।