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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 जनवरी 2021। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में पिछले 21 दिसम्बर से चल रही पालिका ओर सारस्वत समाज की लड़ाई में सारस्वत समाज को पहली जीत मिली है। भूमि से पालिका का अधिकार समाप्त कर दिया गया है। नेशनल हाइवे पर सेसोमू स्कूल के पास सारस्वत समाज द्वारा अखिल सारस्वत समाज कुंडिया अग्रणी महासमिति के बैनर तले भवन, मंदिर, छात्रावास का निर्माण प्रस्तावित था और यहां पर चारदीवारी, ट्यूबवेल, यज्ञशाला, मंदिर,भवन हेतु भूमिपूजन आदि निर्माण कार्य भी करवाये हुए थे। लेकिन पालिका ने यहां अपना अधिकार बताते हुए गत 21 दिसम्बर को यहां बुलडोजर चला दिए थे। इसके बाद आक्रोशित सर्व समाज ने 5 जनवरी को कस्बे में जबरदस्त हल्लाबोल प्रदर्शन किया था और प्रशासन ने संज्ञान लेकर आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन के तहत गुरुवार को राजस्व प्रसाशन ने वर्ष 2005 में इस भूमि का म्यूटेशन पालिका के नाम चढ़ा जाना गलत माना है और इस भूमि को पुनः अराजीराज भूमि घोषित कर दी गई है। साथ ही रिपोर्ट में माली परिवार का लंबे समय से कब्जा भी माना गया है। ऐसे में भूमि का 1963 से कब्जा माली परिवार का और मालिकाना हक राजस्व विभाग का ही रहा है। माली परिवार से ही यह भूमि सारस्वत समाज को प्राप्त हुई थी और समाज का पक्ष अब मजबूत माना जा रहा है। भूमि से पालिका का अधिकार समाप्त होने के बाद समाज के युवा इसे समाज की जीत बताते हुए उत्साह मना रहे हैं। अग्रणी महासमिति के प्रदेशाध्यक्ष जुगलकिशोर तावनिया ने बताया कि बाकी ईओ के निलंबन ओर समाज को तोड़फोड़ के मुआवजे आदि मांगो के लिए भी लगातार संघर्ष जारी रखा जाएगा।