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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 जुलाई 2020। भले ही श्रीडूंगरगढ़ का आम जनमानस कोरोना के प्रति गंभीरता नहीं दिखाते हुए मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंस रखने में लापरवाहियां बरत रहा है लेकिन कोरोना दबे पांव क्षेत्र में अपना कोहराम मचा रहा है। श्रीडूंगरगढ़ में अब 36 कोरोना रोगी चिन्हि्त हो चुके है एवं एक की मृत्यु भी हो गई है। शनिवार को बीकानेर के कोविड चिकित्सालय में अंतिम सांस लेने वाले रामकिशन चांडक के परिजनों के आग्रह पर शव रविवार को श्रीडूंगरगढ़ लाया गया व कालू रोड स्थित सनातन शमशान घाट में पूरे मेडिकल प्रोटोकाल के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। ब्लॉक सीएमएचओ डाक्टर श्रीमोहन जोशी व थानाधिकारी सत्यनारायण गोदारा भी श्मशान घाट पर मौजूद रहे एवं किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हो इसके लिए मेडिकल प्रोटोकाल पूरा करवाया। परिवार के आग्रह के बाद चिकित्सा विभाग की टीम ने डब्ल्युएचओ की गाइड लाइन के अनुसार शव को प्लास्टिक बैग में पैक कर बीकानेर से रवाना किया एवं विशेष वाहन के माध्यम से श्रीडूंगरगढ़ तक पहुंचाया। चांडक के पुत्र राधेश्याम चांडक, कैलाश चांडक, महेश चांडक, भानजे जी.पी. बिहाणी ने ही शव का अंतिम संस्कार किया। परिजनों को मुख देखना भी नसीब नहीं हुआ और पीपीई किट पहन कर मुखाग्नि दिलवाई गयी। श्मशान घाट पहुंचें उनके पौत्र नितेश चांडक को भी पास नहीं जाने दिया गया एवं अन्य परिजन अंतिम संस्कार तक नहीं देख सके।
ऐसे हुआ चांडक का अंतिम संस्कार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हमारे रीति रिवाजों व अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को कोरोना ने बदल कर रख दिया। मृतकों के परिजन जहां रीति रिवाज व संस्कारों को पूरा करना चाहते है लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए मेडिकल प्रोटोकाल इसकी अनुमति नहीं देता है। रविवार को भी परिजनों के हाथ से केवल मुखाग्नि संस्कार ही करने दिया गया। शनिवार को कोरोना से दम तोड़ने वाले रामकिशन चांडक के पुत्रों ने पूर्ण सम्मान से अपने पिता के शव का अंतिम संस्कार किया। लेकिन डब्ल्युएचओ की गाइड लाइन के अनुसार न कोई उनका अंतिम दर्शन कर पाया एवं ना ही अंत समय की कोई भी रीतियां पूरी हो सकी। मौके पर पंडित के बजाए पुलिस एवं चिकित्सा विभाग के कार्मिक मौजूद रहे एवं मंत्रों के बजाए सावधानियों के उच्चारण किए गए। ऐसे में समस्त क्षेत्रवासियों के लिए यह एक सबक बन गया कि कोरोना को लेकर की जाने वाली लापरवाहियां किस प्रकार से उनके घरों के बुजुर्गों के लिए खतरनाक साबीत हो सकती है। ब्लाक सीएमएचओ डॉ. जोशी ने बताया कि संभव है कि घरों से बाहर घूमने वाले युवा संक्रमित हो भी गए तो शीघ्र ही ठीक हो जाएगें लेकिन इन युवाओं से अपने घरों के बुजुर्गों व बीमार लोगों तक संक्रमण पहुंच गया तो स्थितियां ह्दयविदारक हो सकती है। ऐसे में आवश्यकता है कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्रवासी मास्क, सोशल डिस्टेंस, सैनेटाईजर आदि की अनिवार्यता रखे एवं अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकले।