Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
WhatsApp Image 2025-08-20 at 14.00.41
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 अगस्त 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में महंगी जमीनों के लाभ का लालच इस कदर छा गया है, कि जमीनों में करोड़ों के व्यारे-न्यारे करने वाले सरेआम न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे है। ये क्षेत्र में जंगलराज मानते हुए धल्लड़े से जोर-जबरदस्ती के साथ अपना काम कर रहें है। ये देखने को मिल रहा है कि श्रीडूंगरगढ़ में कालू रोड़ पर। जहां शहर से सटी हुई महंगी जमीन को दो बार बेचने के लिए थाने में धोखाधड़ी के मामले भी दर्ज हो चुके एवं उपखण्ड न्यायालय ने भी मामला संदिग्ध मानते हुए इस जमीन पर मौका एवं दस्तावेज की यथास्थिति रखे जाने के आदेश जारी किए है। वहीं श्रीडूंगरगढ़ उपखण्ड मजिस्ट्रेट न्यायलय द्वारा 11 अगस्त को भी स्टे का आदेश जारी किया गया। परंतु इन आदेशों के बाद भी मौके पर लगातार दस दिनों से प्रतिदिन ट्रेक्टर-जेसीबी लगा कर समतलीकरण का कार्य चल रहा है। यह कार्य शहरी क्षेत्र में एकदम प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, परंतु फिर भी तहसीलदार, पटवारी एवं प्रशासन ने आंखें मूंद रखी है। यही कारण है कि क्षेत्र में कानून के राज पर सवाल आज आमजन उठा रहे है।

यह है मामला।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में आबादी के बीच आ चुकी खसरा नम्बर 681 की 14.0300 हैक्टेयर जमीन की दो बार रजिस्ट्री करवा दी गई। इस कारण दोनों खरीददारों व बेचने वालों के बीच विवाद चल रहा है। पहली रजिस्ट्री भूमि मालिक रामरख सांसी के भतीजे सुशील सांसी द्वारा पावर ऑफ अर्टनी द्वारा गंगाराम नायक के नाम 7 मई 2025 को करवाई गई। लेकिन तकनीकी कारणों से इस जमीन का अंतकाल नहीं चढ़ा तो मौका मिलते ही दूसरी रजिस्ट्री स्वंय रामरख सांसी ने 11 जुलाई 2025 को राजलदेसर निवासी विक्रम हरिजन के नाम करवा दी। रजिस्ट्री करवा कर दूसरी रजिस्ट्री करवाने वाले पक्ष ने जमीन का कब्जा भी ले लिया था, लेकिन यहां से मामले में पावर-गेम शुरू हुआ एवं पहली रजिस्ट्री करवाने वाले पक्ष ने जमीन पर अपना कब्जा लेते हुए, वहां ट्रेक्टर चला कर भूमि समतलीकरण का कार्य भी शुरू करवा दिया। ऐसे में विवाद के चलते दूसरी रजिस्ट्री धारक ने न्यायालय की शरण ली थी। न्यायालय ने इस खेत पर मौका एवं रिकॉर्ड की यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। लेकिन पावर गेम के चलते न्यायालय के आदेश हवा-हवाई कर दिए गए व मौके पर लगातार कार्य जारी है। ऐसे में दूसरे पक्ष ने संभागीय आयुक्त न्यायालय में भी गुहार लगाई व संभागीय आयुक्त द्वारा भी 18 अगस्त को अंपीलाट के पक्ष में सुविधा का संतुलन मानते हुए इस भूमि की मौका एवं रिकार्ड की यथास्थिति रखने के आदेश दिए। दूसरे पक्ष को 24 सितम्बर की पेशी तारीख दी है। ऐसे में दो न्यायालय के आदेश होने के बाद भी आज भी मौके पर कार्य अनवरत जारी है व क्षेत्र में कानून के राज पर सवाल उठ रहे है।

“स्टे के बाद यदि कार्य चल रहा है तो स्टे लेने वाला संबंधित पक्ष कोर्ट ऑफ कंटेम्पट की कार्रवाई कर सकता है। मामले की विस्तृत जानकारी स्टाफ से ली जाएगी।”- श्रीवर्द्धन शर्मा तहसीलदार श्रीडूंगरगढ़

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। स्टे के बावजूद लगातार काम चल रहा है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लगातार चल रहेें है, ट्रेक्टर और जेसीबी, नहीं रूक रहा है काम।