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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 दिसम्बर 2020। लॉकडाउन के बाद से ग्रामीण अंचल के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के द्वारा बैडमिंटन और लूडो खेलने की शिकायतें ग्रामीणों द्वारा लगातार मिल रही है ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा देने की बात कह कर सरकार व विभाग जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहें है वहीं इस अंधेरे में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में जलते दीप सा एक सरकारी स्कूल ज्ञान का प्रकाश फैला रहा है। गांव उदरासर में छात्र स्कूल नहीं आ सकते तो शिक्षक उनके घर पहुंच कर शैक्षिक समस्याओं का समाधान कर रहें है। प्रधानाचार्य
राजकुमार सोनी के निर्देशन में सभी शिक्षक छात्रों को पढा रहें है। विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया है व सभी कक्षाओं के अलग अलग ग्रुप बनाएं गए है। शिक्षक प्रतिदिन व्यक्तिगत रूप से हर बच्चे की पढ़ाई सम्बन्धित समस्या का समाधान कर रहे हैं। सोनी भी मोनिटरिंग स्वयं कर रहें है और बच्चों के घर पहुंच कर शिक्षकों का फीडबैक भी ले रहें है। सोनी ने बताया विभाग की गाइड लाइन के अनुसार हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को कोरोना काल में शिक्षा का जी नुकसान हुआ है उसे कवर किया जा सके और विद्यार्थी अपनी पढ़ाई सतत जारी रह सकें। विद्यार्थियों को होम वर्क देने से लेकर मूल्यांकन तक कार्य मे पूरा स्टॉफ जुटा हुआ है। अध्यापक डोर टू डोर जाकर बच्चों की शिक्षण सम्बन्धित समस्याओं को दूर कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ये विद्यालय व इसकी कार्यशैली निजी स्कूलों से भी बेहतर है जो पूरे क्षेत्र में सराहनीय है। ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई से खुश है और 10वीं, 12वीं के विद्यार्थी भी विद्यालय के प्रयास से उत्साहित है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। उदरासर राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार सोनी डोर टू डोर अपने स्टाफ का कार्य जांच कर रहें है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कोरोना काल में उदरासर के सरकारी स्कूल से डोर टू डोर विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। उदरासर में शिक्षक होम वर्क देकर उसे चेक करने विद्यार्थियों के घर पहुंच रहें है।