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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 मई 2026। गर्मी में अगर थाली में प्याज नहीं हो तो खाने का जायका ही नहीं स्वास्थ्य भी गड़बड़ा जाएगा। प्याज जो आम से लेकर खास तक के भोजन में शामिल होता है, किसी फाइव स्टार होटल से लेकर ठेठ कच्ची रसोई तक थाली में प्याज का विशेष महत्व है। राजस्थान में तो सदियों से इसे लू से बचने का सबसे अच्छा साधन मानते हुए मुख्य खाद्य के रूप में काम में लिया जाता है। नासिक, गुजरात, राजस्थान में कुचामन, सीकर, जोधपुर मथानिया के नाम आपने सुने होंगे। परंतु वर्तमान में मूंगफली उत्पादन में अग्रणी बीकानेर का प्याज अब बड़ी मंडियों में अपनी खास पहचान बनाने लगा है।
गुणवत्ता और स्वाद में उच्च क्वालिटी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बीकानेर जिले में रेतीले मिट्टी के धोरों वाली धरती श्रीडूंगरगढ़ में गत पांच वर्षों से किसान प्रति वर्ष प्याज की खेती की ओर बढ़ रहें है। इसका कारण यहां गर्मी में खाए जाने के लिए नए आने वाले प्याज की गुणवत्ता व स्वाद दोनों ही उच्च क्वालिटी का माना जा रहा है।
सूडसर व श्रीडूंगरगढ़ फर्स्ट ब्लॉक में हो रहा उत्पादन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्याज बीकानेर के सूडसर कृषि ब्लॉक के गांव देराजसर, दुलचासर, सूडसर, सेरूणा, नारसीसर, बासी माहियान, गोपालसर, लिखमीसर दिखणादा, लिखमीसर उत्तरादा, सांवतसर और टेऊ 11 गांवो में रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। वहीं लोढेरा भी इसका केंद्र बन रहा है, वर्ष 2025 में प्याज 400 हैक्टेयर में किया गया वहीं 2026 में इसमें 25 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। इस बार ये 500 से अधिक हैक्टेयर में किया गया है। हमारी टीम भी इस आम से खास हुए प्याज की पड़ताल करने खेतों में पहुंची, विभाग के अनुसार प्याज 80 से 110 क्विंटल एवरेज प्रति बीघा उत्पादित हो रहा है। वहीं अनेक किसान प्रति बीघा 150 क्विंटल तक उपज का दावा भी कर रहें है। किसानों ने बताया कि जब भाव 10 रूपए प्रति किलो हो तो किसान की बल्ले बल्ले है। अधिकांशत: खेतों में काश्तकार ही खेती कर रहें है वहीं काश्तकार भी प्याज से ही अपने कर्ज चुका देने की बात कह रहें है। विभाग इसमें 7 से 9 रूपए तक प्रति किलो भाव को अच्छा ही मान रहा है।
दिल्ली, जम्मू व पंजाब की मंडियो में बनाई खास पहचान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रबी की फसल में शामिल ये प्याज श्रीडूंगरगढ़ अंचल में किसानों व श्रमिक वर्ग के हालात भी बदल रहा है। सीकर और कुचामन के प्याज को पछाड़ कर ये प्याज दिल्ली, जम्मू व पंजाब की बड़ी मंडियों में अपनी मिठास, रंग व स्टोरेज क्षमता के कारण खास पहचान बना चुका है, वहीं नए बाजार की भी तलाश जारी है। करीब पांच साल पूर्व क्षेत्र में प्याज की नियमित खेती शुरू हुई और आज ये फसल करोड़ों के प्याज उत्पादन तक पहुंच गई है।
सैंकड़ों श्रमिकों को मिली रोजी रोटी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मार्च लास्ट व मई फर्स्ट सप्ताह में प्याज निकालने, कटाई करने, मिट्टी झाड़ने, कट्टों में पैक करने, ट्रेक्टर ट्राली में भरने के बाद ट्रकों में लदवा कर बड़ी मंडियो तक पहुंचाने बड़ी संख्या श्रमिकों की आजीविका भी निर्भर है। एमपी, पंजाब सहित आस पास के गांवो से पूरे के पूरे परिवार ही प्याज निकालने की ठेकेदारी लेकर काम कर रहें है। परिवार के बच्चे भी कड़ी धूप में परिवार के साथ परिश्रम सहयोगी बने है। कुचामन से इस इलाके में आकर प्याज की खेती करने वाले काश्तकार प्रकाश बताते हुए कि इससे वे अच्छा लाभ कमा रहें है। पटवारी रामचंद्र जाट के खेत में काश्त कर रहें प्रकाश पांच साल से प्याज की खेती ले रहें है।
लगातार बढ़ रही है प्याज की खेती, नए बाजार की तलाश जारी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कुछ किसानों ने प्याज को डर के साथ अपनाया परंतु इस नवाचार से वे संतुष्ट है और अब वे प्रतिवर्ष प्याज की खेती से खासा मुनाफा कमा रहें है। इस क्षेत्र में अभी भी प्याज की खेती अपनाने वाले किसान कम है परंतु वे धीरे धीरे बढ़ रहें है। कुछ किसानों को ये अंदेशा है कि प्याज के बाद मूंगफली बुवाई करनी होती है और प्याज के कारण मूंगफली उत्पादन में कमी से उन्हें नुकसान नहीं हो जाए। परंतु प्रगतिशील किसान भोमराज गोदारा बता रहें है कि इससे नुकसान नहीं है। गोदारा उत्पादन में वृद्धि होने की बात कह रहें है। यहां प्याज के व्यापार से जुड़े व्यापारी किसानों को प्याज की खेती करने के लिए प्रोत्साहित भी कर रहें है, जिससे यहां प्याज का उत्पादन बढ़े और किसान अधिक लाभ कमा सके।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। खूब फल फुल रही है प्याज की खेती।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। व्यापारी खेतों से उठा रहें है प्याज, पहुंच रहा है बड़ी मंडियों में, बनाई अलग पहचान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बड़ी संख्या में श्रमिकों को मिल रहा है रोजगार, हजारों की संख्या में पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के श्रमिक परिवार कर रहें काम।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रमिक परिवार के बच्चे भी श्रम सहयोगी बनकर देते है परिवार में योगदान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसानों को प्याज की खेती में हो रहा है अच्छा लाभ।