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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ टाइम्स 28 जून 2019। आज नैराश्य के दौर में युवा पीढी अपने मातापिता व परिवारजनों को नजरअंदाज कर मौत को गले लगाना को आतुर है। आज फिर क्षेत्र के मात्र 19 वर्षीय युवा ने अपने जीवन से मोह भंग करते हुए अपनी ईह लीला समाप्त कर ली। आज दोपहर जेतासर निवासी युवक शिवगर गुँसाई ने तोलियासर काँकड़ में भैरूं मंदिर के पीछे पेड़ से फाँसी लगा कर आत्महत्या कर ली। परिजनो ने उसे तुंरत पेड़ से उतारा तब तक उसकी सांसे चल रही थी। बिना विलंब किये परिजनो ने उसे श्रीडूंगरगढ अस्पताल पहुंचाया परन्तु यहां पहुँचते ही युवक ने दम तोड़ दिया। डॉ. द्वारा मृत्यु की घोषणा के साथ ही युवक के घर में कोहराम मच गया। अभिभावकों का रोरोकर बुरा हाल है। चाचा गोपालगर गुँसाई ने मर्ग दर्ज कराते हुए बताया की उनका भतीजा कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। वह कुछ दिनों से असामान्य व्यवहार कर रहा था।

सपने देखने उन्हें पूरा करने की उम्र में बच्चें फाँसी पर झुल रहे है। ऐसे में परिवारजनों को भी युवाओं को समझने का प्रयास कर उन्हें अवसाद से निकलने में मदद करने के लिए आगे आना चाहिए। युवाओं पर अभिभावक अपने सपनों का बोझ ना डालें व उनकी जीवन से संघर्ष करने की क्षमता को बढाने का प्रयत्न करें। आज क्षेत्र में लगातार आत्महत्या के मामले बढते देख युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा के प्रयास समाज को सामुहिक रूप से किये जाने की आवश्यकता नजर आ रही है। विशेषज्ञ बताते है कि बच्चों को परेशानी में देंखे तो उनकी परेशानी की वजह जानने की कोशिश करें व डॉ. से उसे कॉन्सलिंग दिलवाएं।