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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 नवबंर 2023। विधानसभा चुनाव- 2023 का मतदान 25 नवम्बर को होना है एवं मतदान के लिए आज से 18 दिन शेष रहें है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स द्वारा प्रतिदिन विशेष कवरेज “सत्ता का संग्राम” टाइम्स के सभी पाठकों के लिए चुनाव की काऊंडाउन के साथ लगातार प्रस्तुत की जा रही है। प्रतिदिन शाम को एक अंदरखाने की खबर के साथ क्षेत्र की चुनावी चर्चा पाठकों के समक्ष रखी जा रही है और इसी क्रम में पढ़ें आज की विशेष टिप्पणी।

पार्टी स्यूं बारे हां, पण विरोध पार्टी रो जोरा स्यूं।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 नवम्बर 2023। गत नगरपालिका चुनावों में, गत विधानसभा चुनावों में, गत पंचायती राज चुनावों में ही पार्टी से बगावत करने के कारण पार्टी से निष्काषित किए जा चुके पूर्व भाजपाई, वर्तमान भाजपा प्रत्याशी से विरोध रखने वाले पार्टी के पूर्व पदाधिकारी एवं हाल ही में पार्टी में लिए गए पूर्व विधायक ये सभी सोमवार को खासे जोश में नजर आए। सभी ने भाजपा प्रत्याशी के स्वजातीय समाजसेवी राजनेता की पुत्रवधु को आर्शीवाद दे दिया है और यही कहा है कि “पार्टी स्यूं तो पेली ही बारे हां, अब ओर के बिगाड़ सी”। ये भले ही पार्टी से बाहर है एवं पार्टी से दूर है लेकिन पार्टी के प्रत्याशी का विरोध पूरी ताकत से कर रहे है। सोमवार को निर्दलीय प्रत्याशी की नामाकंन रैली एवं जनसभा में सभी ने एकस्वर में पार्टी द्वारा पार्टी को खड़ा करने में उम्र लगा देने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर बाहरी व्यक्ति को टिकट देकर सर पर बैठाने की बात कहते हुए पूरा दम लगा कर जीतने की बात कही। निर्दलीय प्रत्याशी की सभा में जहां आशानुकुल भीड़ भी जुटी एवं टेंट जितना लगाया था उतना भर गया। ऐसे स्थिति में इस प्रकार का विरोध होने के बाद भाजपा खेमें में भी बैचेनी जरूर बढ़ी है।

खोड़-खोड़, सींव-सींव को जोर, मचायो शोर, चर्चा चारों ओर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ के सट्टा बाजार में सोमवार को कुछ चर्चांए बदली-बदली सी लगी। इस बाजार में राजनीति के धिकदचंद समीक्षकों की राय पर हंसिया-हथौड़े को शुरू से ही कमजोर आंका गया। लेकिन सोमवार को हुई रैली में अपने खेतों की लावणी छोड़-छोड़ कर आए सर्मथकों ने यह तो साबित कर ही दिया कि हंसिया-हथौड़े के खेमें से थोड़े-बहुत धिकड़चंद कम हुए है लेकिन हंसिया-हथौड़े का जोर अभी भी खोड़-खोड़, सींव-सींव है। इस जोर ने सोमवार को जबरदस्त शोर मचाया एवं इस शोर की चर्चा चारों ओर शुरू हो गई है। वहीं दूसरी ओर बताया जा रहा है कि सोमवार को हुए इस शक्ति प्रदर्शन में शामिल होने वाला हर व्यक्ति स्वंय अपनी परफोरमेंस से खुश नहीं था। सभी का यही मानना था कि वे इन दिनों खेती का काम अनिवार्य स्थिति में होने के कारण अपने साथ पर्याप्त संख्या में अपने लोगों को लेकर नहीं आ पाए। ऐसे में चर्चा चली पड़ी है कि आगामी 21 नवम्बर को अपनी पूरजोर ताकत की रैली निकालनी है एवं जो कमजोर आंक रहे है उन्हें चुनाव से पहले बड़ा मैसेज देना है।

तू डाल-डाल मैं पात-पात।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विधानसभा चुनावों में भले ही प्रत्याशियों द्वारा दिन भर अपने सार्वजनिक आयोजन किए जा रहे है लेकिन रात होते ही अंदरखाने के प्रयास शुरू हो रहे है। कौन किस से नाराज है, कौन किसके पक्ष में है, कौन किस धड़े में है सभी जानकारियां जुटाई जा रही है एवं एक-एक वोट तक पहुंचने के लिए नेताओं के प्रयास विस्तृत हो रहें है। पूरे विधानसभा क्षेत्र में इस वक्त एक दूसरे की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। एक दूसरे के खेमे में गुप्तचरों के माध्यम से तैयारी की जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसे में अपने-अपने गांव में बिना किसी धड़े से बंधे गांवों के सक्रीय युवाओं को एक पार्टी द्वारा फोन कर वोट की बात की जा रही है और कुछ ही देर में दूसरी पार्टी भी फोन कर अपने पक्ष में करने के प्रयास कर रही है। इन युवाओं का मन टटोलने के लिए नेताओं के पाखरियों ने बीड़ा उठाया है एवं किसी का मन बदले तो अपने नेता तक उस युवा के साथ-साथ अपने होने की सार्थकता भी पहुंचाने का लक्ष्य बनाया है। लेकिन युवा किसी से जुड़ने का मन बनाए उससे पहले ही सामने वाले लोग भी मोर्चा संभाल रहे है। ऐसे में देखने को यही मिल रहा है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय बिना किसी पार्टी से व बिना किसी धड़े से बंधे युवाओं को अपने पक्ष में लेने के लिए तू डाल-डाल – मै पात-पात वाला खेल खेला जा रहा है।