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October 17, 2026
26jan
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 जून 2022। तेरापंथ धर्मसंघ की धुरी युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण के आगमन से श्रीडूंगरगढ़ शहर का माहौल महोत्सव जैसा हो गया लेकिन पूरे स्वागत जुलूस में सबकी आंखों से अनदेखा एक ही पहलू था वह था समर्पण भाव। चाहे गुरु हो, चाहे शिष्य या चाहे अनुयायी श्रावक समाज हर किसी का समर्पण यही संदेश दे रहा था कि “हम संघ के और संघ हमारा”। श्रावक समाज गुरु भक्ति में झूमा तो आचार्यश्री ने भी दैवीय स्नेह के साथ सबको आशीर्वाद दिया। कड़ी धूप, गर्मी, उमस और इन सबके बीच लंबी पद यात्रा। लेकिन इन दिक्कतों का एहसास तक किसी को नहीं हुआ। प्रवास व्यवस्था समिति, तेरापंथ जैन सभा, महिला मंडल, युवक परिषद, कन्या मंडल, किशोर मंडल के पदाधिकारियों व सदस्यों ने बढ़-चढ़ कर जयकारे लगाते अपनी संघ निष्ठा दिखाई।

गुरू ने पितृवत संभाला सभा व साध्वियों को, रीझ गए श्रावक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आचार्य महाश्रमण ने जुलूस के दौरान तेज धूप और लगातार 15 किलोमीटर की यात्रा के बाद सभा व साध्वियों को पितृवत संभाला जिससे सभी गद्गद हुए और गुरू की दयालुता पर रीझ रीझ गए। जुलूस के दौरान जैन सभा भवन में कोई कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं था परंतु रास्ते में आचार्यश्री को जब पता चला कि जुलूस मार्ग के पास की गली में ही जैन सभा भवन है तो आचार्यश्री के चरण सभा भवन की ओर बढ़ गए और गुरू ने भवन में पगल्या किए। इसी तरह तेरापंथ सेवा केन्द्र की ओर संत के चरण अपने आप ही बढ़ गए। आचार्यश्री ने साध्वियों को पितृ तुल्य स्नेह के साथ संभाला और साध्वीवृन्द ने गद्गद भाव से आचार्य का आभार जताया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गुरु ने पितृवत संभाला शिष्याओं को, हर कंठ से निकले श्रद्धा शब्द, यही है गुरु संपदा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जुलूस के मार्ग के पास वाली गली में पहुँचे आचार्यश्री, सभा भवन में किये पगलिया, समाज की मुख्य संस्था।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गुरु पदार्पण पर भाव विभोर हुई शिष्याएं, हाइवे पर दर्शन के दौरान हुई नतमस्तक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जुलूस मार्ग के दौरान सेवाकेंद्र में बुजुर्ग साध्वियों को दर्शन देने की अरदास करती साध्वीगण।

 

बच्चे, बुजुर्गो पर बरसी विशेष कृपा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आचार्यश्री के जुलूस के दौरान एक ओर बड़े बड़े लोग, उद्योगपति, राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता आदि अपनी पुरजोर कोशिशों से आचार्यश्री से रुकने, पगल्या करने, मंगलपाठ सुनाने की अरदास में लगे थे और आचार्यश्री ने भी सभी का मन रखते हुए गर्मी की परवाह नहीं करते हुए सबको आशीर्वाद दिया। लेकिन पूरे रास्ते मे कहीं किनारे खड़े रहने वाले बुजुर्गो, बच्चों को आचार्यश्री द्वारा विशेष कृपा दी गई। बिना किसी बड़े पदाधिकारियों की सिफारिशों के ही इन लोगो को आचार्यश्री ने रुक रुक कर दर्शन दिए और मंगली सुनाई तो हर कोई गुरुकृपा के भावों के आगे नतमस्तक हो गया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बड़ो से लेकर बच्चे तक सबने किया नमन, बरसी गुरु कृपा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रास्ते मे खड़ी वयोवृद्ध श्राविका को भी दिया आशीर्वाद।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कड़ी धूप में भी रहा महिलाओं, बच्चो, बुजुर्गो में गुरु दर्शन का उत्साह।

लौट आए है प्रवासी, आबाद हुए घर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ में आचार्यश्री के आगमन पर यहां के सभी प्रवासी नागरिक गांव लौट आए है और तेरापंथ समाज के हर घर आबाद नजर आ रहा है।

बेटियां आई है दर्शन को, आंगन में छाई रौनक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जुलूस में तेरापंथ समाज के परिवारों की ब्याही हुआ बेटियां गुरु दर्शन को गांव लौट आई है। आज बेनर हाथ में लेकर बेटियों ने “आई बेटियां गांव में गुरू चरण के दर्शन को” गाती हुई जुलूस के साथ जय जय महाश्रमण जी के जयकारे लगाती नजर आई।

गणवेश रही चर्चा में, अनुशासन बना मिसाल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विशाल जुलूस में श्रावक समाज द्वार बरते गए अनुशासन की चर्चा पूरे नगर के सभी समाजों में हो रही है। तेरापंथ समाज के सभी संगठनों की गणवेश भी चर्चा में रही। समाज के एक एक जन ने आचार्यश्री के दर्शन किए और गद्गद भाव से श्रीडूंगरगढ़ पधारने पर उनका आभार जताया।